इस दिग्गज बैंक के शेयरों को लग सकते हैं पंख, लीडरशिप को लेकर खत्म हुई अनिश्चितता

HDFC Bank ने 1 अक्तूबर यानी गुरुवार को एमडी और सीईओ पद पर अनूप बागची की नियुक्ति का ऐलान किया। इसका असर 5 अक्तूबर को शेयर बाजार खुलने पर एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर दिख सकता है। एचडीएफसी बैंक का शेयर इस साल निफ्टी 50 के सबसे खराब प्रदर्शन वाले शेयरों में शामिल रहा है

अपडेटेड Oct 02, 2026 पर 11:49 AM
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इस साल बैंक का शेयर अब तक करीब 30 फीसदी गिर चुका है।

कभी यह शेयर एनालिस्ट्स की पहली पसंद होता था। निवेशकों को इसने छ्प्परफाड़ रिटर्न दिया। लेकिन, पिछले कुछ सालों से इस शेयर की हालत खराब है। हम देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयर की बात कर रहे हैं। 2022 में एचडीएफसी बैंक में एचडीएफसी के विलय के एलान के बाद से इस शेयर ने निवेशकों को काफी निराश किया है। अनूप बागची के बैंक के एमडी और सीईओ पद पर नियुक्ति के ऐलान के बाद क्या इस शेयर के अच्छे दिन लौटने वाले हैं?

बैंक ने नए एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति का ऐलान किया

HDFC Bank ने 1 अक्तूबर यानी गुरुवार को एमडी और सीईओ पद पर अनूप बागची की नियुक्ति का ऐलान किया। इसका असर 5 अक्तूबर को शेयर बाजार खुलने पर एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर दिख सकता है। 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी है। इसके बाद शनिवार और रविवार को बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। अब सोमवार यानी 5 अक्तूबर को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।


इस साल अब तक 30 फीसदी गिर चुका है शेयर 

एचडीएफसी बैंक का शेयर इस साल निफ्टी 50 के सबसे खराब प्रदर्शन वाले शेयरों में शामिल रहा है। इस बैंक को सुस्त ग्रोथ, लो मार्जिन और लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता जैसे मसलों का सामना करना पड़ा है। इसका असर इसके शेयरों पर पड़ा है। इस साल बैंक का शेयर अब तक करीब 30 फीसदी गिर चुका है। 2008 के बाद पहली बार इस शेयर का प्रदर्शन इतना खराब रहा है। 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस की वजह से यह शेयर 42 फीसदी गिरा था।

बागची की नियुक्ति के बाद शेयर की रीरेटिंग की उम्मीद 

बागची की नियुक्ति के बाद इस बैंक के क्राइसिस से बाहर आने की उम्मीद है। कंप्लिट सर्किल वेल्थ के गुरमीत चड्ढ़ा ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया कि देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक को अपनी स्ट्रेटेजी पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। बागची की नियुक्ति के बाद बैंक के शेयर की रीरेटिंग की उम्मीद बढ़ी है। फिर से इस शेयर में विदेशी संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।

FIIs की बिकवाली का भी शेयर पर पड़ा असर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के खराब प्रदर्शन में भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी हाथ है। इसकी वजह यह है कि यह उन शेयरों की लिस्ट में शामिल है, जिनमें FIIs का सबसे ज्यादा निवेश रहा है। हालांकि, चड्ढ़ा का मानना है कि चूंकि एचडीएफसी बैंक बहुत बड़ा बैक है, जिससे इसके शेयरों में अचानक तेज उछाल देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन, बागची की नियुक्ति का इस शेयर पर पॉजिटिव असर दिख सकता है।

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शेयर पर नहीं घटा है एनालिस्ट्स का भरोसा

शेयरों के खराब प्रदर्शन के बावजूद एचडीएफसी बैंक पर एनालिस्ट्स का भरोसा बना रहा है। इस शेयर को कवर करने वाले 49 एनालिस्ट्स में किसी की इस शेयर को बेचने की सलाह नहीं रही है। 47 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। ज्यादातर एनालिस्ट्स का मानना है कि यह शेयर करेंट प्राइस से 37 फीसदी तक चढ़ सकता है।

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