HDFC Bank Share Price : HDFC बैंक पर पड़ी अमेरिका में हो रही जांच की मार,1% टूटा शेयर

HDFC Bank Share Price : अमेरिका की तीन शेयरहोल्डर लॉ फर्मों ने HDFC बैंक के खिलाफ अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर अलग-अलग जांच शुरू की है। HDFC बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। इसकी वजह से बैंक पर US सिक्योरिटीज कानून के तहत जानकारी देने की शर्तें लागू होती हैं

अपडेटेड Jul 24, 2026 पर 4:59 PM
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HDFC Bank share price: शुक्रवार को HDFC बैंक के शेयर 4.45 रुपए यानी 0.60 फीसदी गिरकर 742.80 रुपए पर बंद हुए हैं। इंट्राडे में इसमें 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली
     
     
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    HDFC Bank Share Price : HDFC बैंक के शेयर में आज 1 फीसदी की गिरावट है। अमेरिका की तीन शेयरहोल्डर लॉ फर्मों ने HDFC बैंक के खिलाफ अमेरिकी फेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर अलग-अलग जांच शुरू की है। इस साल की शुरुआत में मीडिया में आई उन खबरों के बाद यह जांच शुरू की गई है जिनमें बैंक की ओर से कथित अनियमित भुगतान और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं की आंतरिक जांच का ज़िक्र किया गया था।

    ग्लैंसी प्रोंगै वोल्के एंड रोटर LLP (Glancy Prongay),फ्रैंक आर. क्रूज़ के लॉ ऑफिस (Frank R. Cruz) और हॉवर्ड जी.स्मिथ के लॉ ऑफिस (Howard G. Smith) ने इस हफ्ते अलग-अलग बिज़नेस वायर नोटिस जारी करके इन जांचों का ऐलान किया है।

    HDFC बैंक के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs)न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हैं। इसकी वजह से बैंक पर US सिक्योरिटीज कानून के तहत जानकारी देने की शर्तें लागू होती हैं।


    ग्लैंसी प्रोंगै ने कहा है कि उसने HDFC बैंक के निवेशकों की ओर से कंपनी द्वारा फ़ेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन के मामले में जांच शुरू कर दी है। वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या कंपनी ने निवेशकों को कारोबार से जुड़ी ऐसी जानकारी दी जो काफी हद तक गुमराह करने वाली थी, और/या क्या उसने फ़ेडरल सिक्योरिटीज कानूनों का उल्लंघन किया है।

    इसी तरह 'द लॉ ऑफ़िसेज ऑफ़ हॉवर्ड जी स्मिथ' ने कहा है कि वह फ़ेडरल सिक्योरिटीज़ कानूनों के संभावित उल्लंघन को लेकर HDFC बैंक की जांच कर रही है। इसमें यह भी शामिल है कि क्या कंपनी ने झूठे और/या गुमराह करने वाले बयान जारी किए और/या निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी का खुलासा नहीं किया।

    इसके अलावा,फ्रैंक आर क्रूज़ के लॉ ऑफिस ने भी कंपनी द्वारा फ़ेडरल सिक्योरिटीज कानूनों के संभावित उल्लंघन के मामले में निवेशकों की ओर से जांच की घोषणा की है।

    तीनों लॉ फर्म उन निवेशकों को संपर्क करने के लिए कह रही हैं जिन्हें नुकसान हुआ है,ताकि वे संभावित दावों का आकलन कर सकें।

    अमेरिका में किस वजह से शुरू हुई HDFC बैंक की जांच ?

    तीनों लॉ फर्मों की इन नोटिस में 'द इंडियन एक्सप्रेस'की 27 मई को छपी एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि HDFC बैंक ने अपने मार्केटिंग डिपार्टमेंट के जरिए किए गए पेमेंट की इंटरनल विजिलेंस जांच की थी। लॉ फर्म के नोटिस के मुताबिक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि बैंक ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) को ज्यादा ब्याज देने के लिए ₹45 करोड़ को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया था।

    फर्मों का यह भी कहना है कि रिपोर्ट छपने के बाद,27 मई,2026 को HDFC बैंक के शेयर की कीमत 1.02 डॉलर यानी 4.1% गिरकर 23.78 डॉलर प्रति शेयर पर बंद हुए। इससे निवेशकों को नुकसान हुआ।

    HDFC बैंक ने किसी भी गलत काम से किया इनकार

    मई में रिपोर्ट पब्लिश होने के बाद,HDFC बैंक ने CNBC-TV18 को दिए एक बयान में इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया था। बैंक ने कहा था "उसके पास मज़बूत इंटरनल निगरानी,ऑडिट और कंट्रोल प्रोसेस और सिस्टम हैं। सभी मामलों को बैंक के तय नियमों के अनुसार निपटाया जाता है और किसी भी इंटरनल रिव्यू के बाद अंतिम फैसला लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। हम चुनिंदा जानकारी के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी या दोषी होने की धारणा को पूरी तरह से खारिज करते हैं"।

    इस जांच का क्या होगा असर?

    तीनों लॉ फर्मों की घोषणाओं को HDFC बैंक के खिलाफ रेगुलेटरी कार्रवाई या मुकदमा नहीं माना जा सकता। अमेरिका में ऐसी जांच आम बात है,खासकर तब जब किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर की कीमत बुरी खबर के बाद तेजी से गिरती है।

    शेयरहोल्डर लॉ फर्म्स अक्सर यह तय करने के लिए जांच नोटिस जारी करती हैं कि क्या निवेशकों को भ्रामक खुलासों के कारण हुए नुकसान के आरोप में सिक्योरिटी क्लास एक्शन दायर करने का कोई आधार है।

    अभी इन फर्मों ने जांच की घोषणा की है और निवेशकों से जानकारी मांगी है। अभी यह एक्शन शेयरहोल्डर लॉ फर्मों की ओर से जांच से जुड़े नोटिस हैं,न कि कोई रेगुलेटरी कार्रवाई या अदालती कार्यवाही। अब देखना यह होगा कि क्या यह आगे चलकर औपचारिक सिक्योरिटीज क्लास एक्शन (शेयरधारकों के सामूहिक कानूनी मुकदमे)में बदलेगा। अभी तक तो किसी निवेशक ने मुकदमे में रुचि नहीं दिखाई है।

    CNBC-TV18 ने इस पर HDFC बैंक से प्रतिक्रिया मांगी है,प्रतिक्रिया का इंतजार है। शुक्रवार को HDFC बैंक के शेयर 4.45 रुपए यानी 0.60 फीसदी गिरकर 742.80 रुपए पर बंद हुए हैं। इंट्राडे में इसमें 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। आज का इसका दिन का लो 737.25 रुपए है। पिछले वीकेंड में जून तिमाही के नतीजे आने के बाद से यह स्टॉक लगातार पांचवें दिन नीचे आया है। इस साल अब तक यह स्टॉक 25% गिर चुका है।

     

     

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