हेलिओस कैपिटल के फाउंडर और सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) समीर अरोड़ा को बाजार में यहां से और 10 फीसदी करेक्शन की गुंजाइश नजर आ रही है। उनका ये भी मानना है कि अमेरिकी बाजारों के बॉटम ऑउट होते ही घरेलू बाजार भी नीचे से उठना शुरू हो जाएंगे। अनुभवी असेट मैनेजर समीर अरोड़ा ने इस चिंता को खारिज कर दिया कि इक्विटी बाजार में मौजूदा गिरावट 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के समान है। यहां पर हम बाजार के आगे की दिशा और दशा में पर मनीकंट्रोल से हुई उनकी बातचीत का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अक्टूबर 2021 में अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद से घरेलू बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स लगभग 15 फीसदी गिर चुके हैं। इस गिरावट में निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स टेक्निकल बीयर मार्केट में चले गए हैं। पिछले 6 महीनों में आई बिकवाली की लीडरशिप विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के हाथों में रही है। इन्होंने पिछले 7 महीनों के दौरान भारतीय इक्विटी मार्केट से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ गई हैं और रूस-यूक्रेन संकट ने स्थितियां बद से बदतर कर दी हैं जिसके चलते भारतीय बाजारों से एफपीआई की भारी बिकवाली होती दिख रही है।
बाजार की हाल की गिरावट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये एक नॉर्मल बियर मार्केट है। लेकिन भारत की आम जनता की जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया करने की आदत जल्दी नहीं छूटेगी। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने हाई-प्राइस-टू-अर्निंग (PE) वाली आईटी कंपनियों में बिकवाली की है। समीर अरोड़ा ने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि अगर आपको लगता है कि कोई कंपनी अच्छी है और अगले 3-4 साल में उसके कारोबार में मजबूती आएगी तो गिरावट में उसमें खरीदारी करें।
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