Helium Supply Crisis : स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद होने से हीलियम की सप्लाई थमी, इन शेयरों को लग सकता है झटका

Helium Supply Crisis : ईरान के हमले के बाद से हीलियम गैस के निर्यात में 14 फीसदी की कमी आई है। इसका स्पॉट में कीमत 50 फीसदी तक बढ़ा है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हीलियम का इस्तेमाल वेफर को ठंडा रखने में किया जाता है

अपडेटेड Mar 25, 2026 पर 2:12 PM
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Helium Supply Crisis : दुनिया में चुनिंदा देश ही हीलियम का उत्पादन करते हैं। कतर पुरी दूनिया में 35 फीसदी हीलियम की सप्लाई करता है

Helium Supply Crisis : वेस्ट एशिया वॉर के चलते हीलियम गैस की सप्लाई में कमी आई है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री,ऑप्टिकल फाइबर और स्मार्ट फोन बनाने वाली कंपनियां इसकी कमी से परेशान हैं। क्या होगा इसका असर इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवादाता असीम मनचंदा ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज बंद होने से हीलियम की सप्लाई थम गई है। दुनिया में चुनिंदा देश ही हीलियम का उत्पादन करते हैं। कतर पुरी दूनिया में 35 फीसदी हीलियम की सप्लाई करता है। इसके अलावा अमेरिका,रूस और अल्जीरिया भी इसके प्रमुख उत्पाकक हैं। इससे पहले भी 2017 और 2022 में ऐसे संकट सामने आ चुके हैं।

2 मार्च को ईरान के हमले के बाद से कतर में इसका उत्पादन थम गया है। ईरान के हमले के बाद से हीलियम गैस के निर्यात में 14 फीसदी की कमी आई है। इसका हाजिर भाव (स्पॉट में कीमत) 50 फीसदी तक बढ़ा है। भारत हीलियम का उत्पादन नहीं करता और पूरी तरह आयात पर निर्भर है। भारत मुख्य रूप से अमेरिका और कतर से हीलियम मंगाता है। ऐसे में सप्लाई बाधित होने पर भारत में मेडिकल,इलेक्ट्रॉनिक्स और रिसर्च सेक्टर पर सीधा असर पड़ सकता है। साथ ही,कीमतों में वृद्धि से उद्योगों की लागत भी बढ़ सकती है।

जानिए कहां होता है इसका इस्तेमाल


बता दें कि हीलियम का इस्तेमाल सिर्फ गुब्बारों को फुलाने तक ही सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल मेडिकल क्षेत्र में MRI मशीनों,सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री,स्पेस रिसर्च और दूसरे वैज्ञानिक प्रयोगों में होता है। इसकी खासियत यह है कि यह बेहद हल्की और निष्क्रिय गैस है,जो अत्यधिक कम तापमान पर भी स्थिर रहती है। ऐसे में इसकी कमी सीधे तौर पर तकनीकी और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर सकती है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हीलियम का इस्तेमाल वेफर को ठंडा रखने में किया जाता है। ऑप्टिकल फाइबर और स्मार्टफोन बनाने में भी हीलियम का इस्तेमाल होता है। हीलियम MRI मशीन के अंदर भी मेगनेट को ठंडा रखता है।

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किन शेयरों पर असर?

हीलियम की सप्लाई चेन में दिक्कत से CG power, kaynes, HFCL और Sterlite Tech जैसे शेयरों को झटका लग सकता है। फिलहाल आज ये शेयर बाजार के मूड में सुधार के चलते तेजी में दिख रहे हैं। बाजार को लग रहा है कि जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच कोई शांति समझौता हो सकता है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर स्थितियों में सुधार हो सकता है। इसी उम्मीद के चलते 2 बजे के आसपास CG power 23.30 रुपए यानी 3.49 फीसदी तेजी के साथ 690 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसक इंट्राडे हाई 692.15 रुपए और इंट्राडे लो 675 रुपए है।

kaynes के शेयर भी जोश में हैं। एनएसई पर ये शेयर 237.50 रुपए यानी 6.76 फीसदी की तेजी के साथ 3753 रुपए पर दिख रहा है। HFCL Ltd.में भी भी मध्यपूर्व के हालात में सुधार की उम्मीद में तेजी आई है। ये शेयर 2.12 रुपए यानी 3.05 फीसदी की तेजी के साथ 71 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। Sterlite Technologies में भी 9 फीसदी की तेजी दिख रही है।

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