HGS IPO Listing: आईपीओ को 248 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद एचजीएस (इंडिया) के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ के तहत ₹120 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹160.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 33.33% का लिस्टिंग गेन (HGS Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹168.00 (HGS Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 40% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹57600 मुनाफे में हैं।
HGS IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एचजीएस का ₹34.56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 248.58 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 137.92 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 424.67 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 235.72 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹28.17 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5.54 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹15.05 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्लांट और मशीनरी के रिप्लेसमेंट, ₹1.05 करोड़ इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग फैसिलिटी लगाने, ₹3.26 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट, ₹5.88 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
एचजीएस (इंडिया) खास तरह के इलेक्ट्रॉनिक और जियोफिजिकल इक्विपमेंट्स बनाती है। यह ऐसी मशीनों के लिए सेंसर, तार और कनेक्टर बनाती है, जिनकी मदद से जमीन के अंदर मौजूद खनिज, तेल और गैस के भंडार का पता लगाया जाता है। इसकी शुरुआत अमेरिका की कंपनी जियोसोर्स इंक के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग से हुई। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री एचडी ब्रांड से होती है। यह जियोफोन, जियोफोन स्ट्रिंग, सेस्मिक केबल्स, कनेक्टर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑयल एंड गैस, मिनरल एक्स्प्लोरेशन, डिफेंस, अर्थक्वेक मॉनीटरिंग, वाइब्रेशन एनालिसिस और जियोसाइंस जैसे क्षेत्र में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का निर्यात भी होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 71% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.64 करोड़ और टोटल इनकम 13% से अधिक के सीएजीआर से ₹48.91 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 के पहले महीने अप्रैल 2026 में कंपनी को ₹1.11 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹3.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। अप्रैल 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹91.80 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।