Maxwell Engineering IPO Listing: आईपीओ को 536 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद मैक्सवेल इंजीनियरिंग के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ के तहत ₹158 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹300.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (Maxwell Engineering Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹314.80 (Maxwell Engineering Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.24% मुनाफे में हैं।
Maxwell Engineering IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
मैक्सवेल इंजीनियरिंग का ₹57.64 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 536.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 259.45 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 857.65 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 556.09 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 36.48 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.00 करोड़ नई मशीनरी, लैब इक्विपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए अन्य यूटिलिटीज की खरीदारी, ₹6.50 करोड़ नई ऑफिस बिल्डिंग और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने, ₹4.30 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹7.06 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹7.78 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
Maxwell Engineering के बारे में
मैक्सवेल इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है, जो प्लास्टिक और पॉलिमर बनाने वाली फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के जरूरी पुर्जे बनाती है। इसका मुख्य बिजनेस अंडरवाटर पेलेटाइजिंग सिस्टम के पार्ट्स बनाने, उनकी मरम्मत करने और उनकी ट्रेडिंग से जुड़ा है। यह पेलेटाइजिंग डाई प्लेट्स, पेलेटाइजिंग ब्लेड और चाकू, ब्लेड होल्डर, कटर हब, टैप्ड ड्राइविंग बुश और अन्य स्पेयर पार्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स को क्लाइंट्स अपने ब्रांड नाम से भी बेचते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट्स का निर्यात भी होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 94% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹11.86 करोड़ और टोटल इनकम 68% से अधिक के सीएजीआर से ₹30.76 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 के अप्रैल-जुलाई 2026 में कंपनी को ₹3.05 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.25 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जुलाई 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹15.77 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹17.87 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।