Honda Motor और Nissan का हो सकता है विलय, Toyota को कड़ी टक्कर देने के लिए दोनों बना रहीं बड़ा प्लान

होंडा और निसान न सिर्फ जापान में टोयोटा को कड़ी टक्कर देना चाहती हैं बल्कि दूसरे देशों में भी उसके सामने बड़ा चैलेंज पेश करना चाहती हैं। इस खबर के आने के बाद 18 दिसंबर को Nissan Motor Co के शेयरों में 23.70 फीसदी का उछाल आया। Honda के शेयरों में 3.66 फीसदी की गिरावट देखने को मिली

अपडेटेड Dec 18, 2024 पर 12:44 PM
होंडा, टोयोटा और निसान जापान की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हैं। इनकी गाड़ियां इंडिया सहित दुनियाभर में बिकती हैं।

होंडा मोटर और निसान मोटर मिलकर टोयोटा को कड़ी टक्कर देने का प्लान बना रही हैं। इसके लिए दोनों कंपनियां कई विकल्पों पर विचार कर रही हैं। इनमें होंडा और निसान के विलय का विकल्प भी शामिल है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने यह बताया। होंडा और निसान न सिर्फ जापान में टोयोटा को कड़ी टक्कर देना चाहती हैं बल्कि दूसरे देशों में भी उसके सामने बड़ा चैलेंज पेश करना चाहती हैं। दोनों कंपनियों के बीच इस बारे में बातचीत की खबर आने के बाद होंडा के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिंडेंट शिंजी अवोयामा ने इस बारे में 18 दिसंबर को बताया।

Nissan के स्टॉक्स 23 फीसदी उछले

उन्होंने कहा कि Honda कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जिनमें विलय, कैपिटल टाइ-अप और होल्डिंग कंपनी बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इस खबर के आने के बाद 18 दिसंबर को Nissan Motor Co के शेयरों में 23.70 फीसदी का उछाल आया। Honda के शेयरों में 3.66 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। होंडा, टोयोटा और निसान जापान की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हैं। इनकी गाड़ियां इंडिया सहित दुनियाभर में बिकती हैं।


डील में मित्सुबिशी भी हो सकती है शामिल

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि होंडा और निसान में शुरुआती बातचीत चल रहा है। जानकारी देने वाले लोगों ने अपने नाम जाहिर नहीं करने के शर्त पर यह बताया, क्योंकि यह मामला अभी प्राइवेट लेवल पर चल रहा है। इनमें से एक व्यक्ति ने बताया कि एक विकल्प नई होल्डिंग कंपनी बनाने का है, जिसके तहत दोनों कंपनियों के बिजनेस आएंगे। इस ट्रांजेक्शन का विस्तार कर डील में Mitsubishi Motors Corp को भी शामिल किया जा सकता है। मित्सुबिशी और निसान में पहले से समझौता है।

जापान की ऑटो इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट सकती है

माना जा रहा है कि अगर Honda और Nissan का प्लान हकीकत में बदलता है तो इससे जापान की ऑटो इंडस्ट्री दो बड़े हिस्से में बंट जाएगी। पहले हिस्से में होंडा, निसान और मित्सुबिशी आएंगी, जबकि दूसरे हिस्से में अकेले टोयोटा ग्रुप की कंपनियां होंगी। इसका असर दुनियाभर में ऑटो इंडस्ट्री पर देखने को मिलेगा। निसान फ्रांस की Renault SA के साथ अपने रिश्ते घटा रही है। होंडा ने जनरल मोटर्स के साथ अपने रिश्ते खत्म कर दिए हैं। होंडा और निसान ने इससे पहले इस साल की शुरुआत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरी और सॉफ्टवेयर के लिए मिलकर काम करने के फैसले लिए थे।

इस बीच निसान के प्रवक्ता ने कहा है, "होंडा, निसान और एमएमसी की विलय को लेकर बातचीत की खभर इस बारे में हमारे (निसान) ऐलान पर आधारित नहीं है। इस साल मार्च और अगस्त में यह ऐलान हुआ था कि निसान, होंडा और एमएमसी इस खबर में बताई गई बातों सहित भविष्य में सहयोग की कई तरह की संभावनाओं पर विचार कर रही हैं। लेकिन, इस बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। अगर इस बारे में कुछ अपडेट्स आते हैं तो सही वक्त पर इसकी जानकारी सभी पक्षों को दी जाएगी।"

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Honda और Nissan के एडीआर में उछाल

ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के सीनियर ऑटो एनालिस्ट तैतसुओ योशिदा ने कहा कि अगर होंडा और निसान का विलय होता है तो इससे कुछ समय के लिए निसान की फाइनेंशियल मुश्किल खत्म हो सकती है। बताया जाता है कि होंडा और निसान अगर मिलकर आगे बढ़ने का फैसला करती हैं तो इससे वे अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी टेस्ला और चाइनीज ऑटो कंपनियों का मुकाबला कर सकेंगी। इस खबर से अमेरिका में Nissan का ADR 12 फीसदी उछला जबकि Honda के एडीआर में 0.9 फीसदी की तेजी आई।

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