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कारोबार में लॉस लेकिन 11 कंपनियां निवेशकों को डिविडेंड देने की तैयारी में, जानिए क्या है खेल!

Raymond और Indian Hotels ने क्रमश: 20 करोड़ रुपये और 57करोड़ रुपये के डिविडेंड पे-आउट का ऐलान किया है। इस लाभांश में भी ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी प्रमोटरों की तरफ जाती नजर आएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2022 पर 10:21 PM
कारोबार में लॉस लेकिन 11 कंपनियां निवेशकों को डिविडेंड देने की तैयारी में, जानिए क्या है खेल!
घाटे में चल रही कंपनियां रिजर्व में कैरी फॉरवर्ड किए गए मुनाफे से डिविडेंड का भुगतान कर सकती है। लेकिन इसके लिए कुछ प्रतिबंध हैं

वित्त वर्ष 2022 में घाटे में रहने के बावजूद कई कंपनियों ने डिविडेंड की सिफारिश की है। हालांकि यह सिफारिश अभी शेयर धारकों की मंजूरी के अधीन है। इन कंपनियों में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 38 फीसदी से 73 फीसदी है। इसका मतलब यह है कि लाभांश के इस ऐलान से प्रमोटरों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।

मनीकंट्रोल के एक विश्लेषण से यह पता चलता है कि कम से कम 11 कंपनियां ऐसी है जिनको वित्त वर्ष 2022 में स्टैंडअलोन बेसिस पर घाटा हुआ है। इसके बावजूद इन्होंने डिविडेंड का ऐलान किया है। हालांकि इन कंपनियों को कंसोलिडेशन बेसिस पर मुनाफा हुआ है। क्योंकि इनकी कुछ सब्सिडियरियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है।

कंपनी एक्ट के मुताबिक लिस्टेड कंपनियां डिविडेंड देने के लिए अपने कंसोलिडेटेड अर्निंग का उपयोग कर सकती है। हालांकि यह निर्देश भी दिया गया है कि स्टैंडअलोन आधार पर हुई कमाई पर भी डिविडेंड दिया जा सकता है। MMJC and Associates के मकरंद जोशी का कहना है कि कंपनी एक्ट में यह भी प्रावधान है कि कंपनियां या तो अपने वर्तमान वर्ष के मुनाफे से या पिछले वर्ष के उस मुनाफे से डिविडेंड दे सकती है जो कंपनी के लेखे में अभी दर्ज नहीं है।

घाटे में चल रही कंपनियां रिजर्व में कैरी फॉरवर्ड किए गए मुनाफे से डिविडेंड का भुगतान कर सकती है। लेकिन इसके लिए कुछ प्रतिबंध हैं। उदाहरण के लिए घाटे में चल रही कंपनी द्वारा दिया जा रहा डिविडेंड पिछले 3 साल के औसत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

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