Adani Group ने 3 कंपनियों के शेयर SBI को रखे गिरवी, जानिए क्या है मामला

Adani Group Pledge Shares : अडानी पोर्ट्स, अडानी ट्रांसमिशन और अडानी ग्रीन एनर्जी ने देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई की एक यूनिट एसबीआईकैप ट्रस्टी कंपनी को अपने शेयर गिरवी रखे हैं। इसके तहत APSEZ के 75 लाख से अधिक शेयर गिरवी रखे गए हैं और अब SBICAP के पास कंपनी के कुल 1 फीसदी शेयर गिरवी हो गए हैं

अपडेटेड Feb 13, 2023 पर 8:46 AM
एसबीआई ने अडानी ग्रुप के ऑस्ट्रेलिया में स्थित कार्मीकेल कोल माइनिंग प्रोजेक्ट को 30 करोड़ डॉलर की स्टैंडबाई एलसी यानी लेटर ऑफ क्रेडिट फैसिलिटी दी थी
     
     
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    Adani Group pledge shares : हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के लगभग 3 हफ्ते के बाद भी अडानी ग्रुप पर दबाव स्पष्ट दिख रहा है। दरअसल, अडानी ग्रुप की तीन कंपनियों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को अतिरिक्त शेयर गिरवी रखे हैं। एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग से यह बात सामने आई है। अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को जारी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक्स में हेराफेरी और भारी कर्ज होने का आरोप लगाया था। उसके बाद से ग्रुप की कंपनियों की मार्केट वैल्यू 100 अरब डॉलर से ज्यादा कम हो चुकी है।

    इन 3 कंपनियों ने गिरवी रखे शेयर

    फाइलिंग के मुताबिक, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ), अडानी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) और अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) ने देश के सबसे बड़े लेंडर एसबीआई की एक यूनिट एसबीआईकैप ट्रस्टी कंपनी को अपने शेयर गिरवी रखे हैं।


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    इसके तहत APSEZ के 75 लाख से अधिक शेयर गिरवी रखे गए हैं और अब SBICAP के पास कंपनी के कुल 1 फीसदी शेयर गिरवी हो गए हैं। अडानी ग्रीन के मामले में, 60 लाख अतिरिक्त शेयरों के साथ कंपनी के कुल 1.06 फीसदी शेयर गिरवी हो गए हैं। फाइलिंग के मुताबिक, अडानी ट्रांसमिशन के 13 लाख अतिरिक्त शेयरों के साथ कुल 0.55 फीसदी शेयर गिरवी गए हैं।

    यह केवल अतिरिक्त कोलेट्रल सिक्योरिटी है और इसके लिए एसबीआई ने कोई फाइनेंस नहीं दिया है।

    ऑस्ट्रेलिया के प्रोजेक्ट के लिए ले रखी है एलसी फैसिलिटी

    एसबीआई ने अडानी ग्रुप के ऑस्ट्रेलिया में स्थित कार्मीकेल कोल माइनिंग प्रोजेक्ट को 30 करोड़ डॉलर की स्टैंडबाई एलसी यानी लेटर ऑफ क्रेडिट फैसिलिटी दी थी। इसके तहत ग्रुप की तीन कंपनियों के कुछ अतिरिक्त शेयर गिरवी रखे गए हैं। 140 फीसदी के जरूरी कोलेटरल कवरेज की हर महीने के अंत में समीक्षा की जाती है और किसी भी कमी को टॉप अप के रूप में पूरा किया जाता है। पिछले साल जून और जुलाई में टॉप अप किया गया था और ऐसा तीसरा टॉप अप आठ फरवरी को किया गया।

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