इंडोनेशिया ने हाल ही में पाम ऑयल के एक्सपोर्ट पर बैन लगा दिया है। इंडोनेशिया सरकार ने अपने घरेलू बाजार में पाम ऑयल के शॉर्टेज से बचने के लिए यह कदम उठाया है। गौरतलब है भारत पाम ऑयल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। लाइव मिंट में प्रकाशित खबर के मुताबिक अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत में खाने के तेल बनाने वाली इंडस्ट्रीज को वर्तमान स्थिति से फायदा होगा। इंडोनेशिया की तरफ से पाम ऑयल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने के चलते सनफ्लावर, सरसों के तेल, सोया ऑयल जैसे सभी खाने के तेलों की कीमत में बढ़ोतरी हो सकती है। जिसके चलते भारतीय खाद्य तेल कंपनियों को उनके अनसोल्ड इवेंट्री पर बड़ा फायदा हो सकता है।
यहां हम कुछ ऐसे खाद्य तेल से जुड़े स्टॉक्स की सूची दे रहे हैं जिनको बाजार की वर्तमान स्थितियों से फायदा हो सकता है।
Marico- मैरिको देश की लीडिंग कंज्यूमर गुड्स कंपनी है। यह हमारी लिस्ट में पहले नंबर पर है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मे कोकोनट ऑयल, हेयर ऑयल, खाने के तेल और मेल ग्रुमिंग प्रोडक्ट शामिल हैं। कंपनी को अपनी कमाई का 66 फीसदी हिस्सा खाने के तेलों से मिलता है। मैरिको के खाने के तेल के ब्रांड Saffola की सुपर प्रीमियम रिफाइड सेगमेंट में 83 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है। उम्मीद है कि इन बाजार स्थितियों में मैरिको को बड़ा फायदा होता नजर आएगा।
Ruchi Soya- हमारी इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर रूचि सोया का नाम आता है। यह खाने के तेलों के बिजनेस का बड़ा नाम है। इसके अलावा यह देश की सबसे बड़ी पाम ऑयल प्लान्टेशन कंपनी भी है। देश भर में रुचि सोया की 22 ईकाईयां है। Ruchi Gold, Nutrela, Sunrich और Mahakosh कंपनी के जाने माने ब्रांड हैं।
Agro Tech Foods- हमारी इस सूची में तीसरा नाम एग्रोटेक फूड्स का है। यह खाद्य तेल और ब्रांडेड फूड्स बिजनेस का जाना माना नाम है। कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा खाद्य तेल से आता है। कंपनी Sundrop और Act-II ब्रांड नाम से अपने प्रोडक्ट बेचती है। एग्रोटेक फूड की आय का 60 फीसदी हिस्सा खाने के तेल के कारोबार से आता है। खाने के तेल के बाजार में कंपनी का मार्केट शेयर 13.8 फीसदी है।
Gokul Agro Resources- हमारी इस लिस्ट में अगला नाम गोकुल एग्रो रिसोर्स का है। कंपनी खाद्य तेल बनाने के अलावा गैर खाद्य तेल और उससे जुड़े दूसरे प्रोडक्ट्स भी बनाती है। कंपनी खाद्यान्न, मसालों , तिलहन, फीड और दूसरे मील्स के कारोबार में भी है। Vitalife, Makeh, Zaika, Pride, और Puffpride गोकूल एग्रो के जाने पहचाने ब्रांड हैं। कंपनी की सीड प्रोसेसिंग कैपिसिटी 3200 टन प्रति दिन की है और ऑयल रिफाइनिंग कैपिसिटी 3,400 टन प्रति दिन की है।
Adani Wilmar- हमारी इस सूची का आखिरी नाम है अडानी विल्मर। कंपनी देश की जानी-मानी एफएमसीजी कंपनी है जो खाने के तेल, आटे , चावल, दाल और शुगर के कारोबार में है। कंपनी की आय का 65 फीसदी हिस्सा खाद्य तेल से आता है। कंपनी Fortune ब्रांड के तहत खाने के तेल की बिक्री करती है।
क्या खाने के तेलों वाले स्टॉक्स पर हमें लगाना चाहिए दांव?
इंडोनेशिया ने देश में पाम ऑयल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पाम ऑयल के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे इंडोनेशिया में पाम ऑयल की कीमतों में बढ़त पर विराम लग सकता है लेकिन भारत में इसका उलटा असर देखने को मिल सकता है। जिससे पाम ऑयल के साथ ही दूसरे खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते भारत की खाद्य तेल बनाने वाली कंपनियों को फायदा होने की संभावना है।
इसके अलावा भारत सरकार ने देश में Edible Oil-Oil Palm (NMEO-OP) जैसे नेशनल मिशन का ऐलान किया है जिससे की देश में पाम ऑयल का प्रोडक्शन बढ़ सके और इंपोर्ट पर निर्भरता घट सके। सरकार के इस मिशन से देश की खाद्य तेल बनाने वाली कंपनियों के लिए नए मौके हैं। आगे ये कंपनियां अपनी तेलहन पेराई और रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा सकती हैं। ऐसे में मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से खाद्य तेल के स्टॉक एक बेहतर दांव हो सकते हैं लेकिन निवेशकों को सलाह होगी कि ऊपर सुझाए हुए स्टॉक में निवेश करने से पहले स्टॉक्स के फंडामेंटल और वैल्यूएशन की जांच जरुर कर लें या फिर किसी सर्टिफाइड फाइनेंसियल एडवाइजर की सलाह लें।
ये ऑर्टिकल Equitymaster.com से साभार अनुवादित है।
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