IDBI Bank में सरकार और LIC बेच सकते हैं अपनी 60% हिस्सेदारी

भारत सरकार ने साल 2021 के बजट में IDBI बैंक से बाहर निकलने के अपने इरादे की घोषणा की थी

अपडेटेड Sep 06, 2022 पर 7:47 PM
IDBI Bank में सरकार और एलआईसी की करीब 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें सरकार की 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है जबकि एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है

सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India (LIC) मिलकर आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के विनिवेश में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश कर सकते हैं। सूत्रों ने मंगलवार को सीएनबीसी-टीवी18 को ये जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में एक्सप्रेसनऑफ इंटरेस्ट (Expression of Interest (EoI) अक्टूबर तक मंगाई जा सकती हैं। गौरतलब है कि CNBC-TV18 ने पहले बताया था कि सरकार और LIC दोनों मिलकर IDBI बैंक में 65 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की करीब 94 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आंकड़ों से पता चला है कि 30 जून तक केंद्र के पास इसमें 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जबकि एलआईसी के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

वहीं सरकार का कहना है कि वह विनिवेश प्रक्रिया के हर चरण में भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India (RBI) से उचित सावधानी बरतने की मांग करेगी।


इसमें प्रोमोटर होल्डिंग पर कोई सीमा नहीं है बशर्ते उन्हें 15 वर्षों में हिस्सेदारी कम करने की योजना पेश करनी होगी। हालांकि विनिवेश के लिए 26 प्रतिशत वोटिंग राइट्स की सीमा बनी हुई है।

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खबर लिखते समय यानी कि दोपहर 2 बजे के दौरान आईडीबीआई बैंक का शेयर 0.46 प्रतिशत बढ़कर 43.55 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था।

इसके पहले 2021 के बजट में भारत सरकार ने IDBI बैंक से बाहर निकलने के अपने इरादे की घोषणा की थी। विनिवेश रणनीति सरकारी स्वामित्व वाली संपत्तियों की बिक्री या लिक्विडेशन को दर्शाती है।

बता दें कि सरकारें अपने वित्तीय बोझ को कम करने और सार्वजनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए धन जुटाने के लिए विनिवेश का उपयोग करती हैं। ऐसा संपत्ति का निजीकरण करने के लिए भी किया जा सकता है।

वहीं आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री में कई उतार-चढ़ाव देखे गए हैं और इस प्रक्रिया में महीनों की देरी हुई है। पहले सरकार ने मई में EoI मंगाने की योजना बनाई थी। हालांकि संभावित खरीदारों और बोलीदाताओं तक पहुंचने की कोशिश में इस प्रक्रिया में देरी हुई है।

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

 

 

 

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