दिसंबर तिमाही में मिले जुले प्रदर्शन के साथ मिडकैप आईटी कंपनी L&T Technology Services ने अपने निवेशकों को निराश किया है। कॉस्टेंट करेंसी टर्म में देखें तो आय में तिमाही आधार पर 4.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जो कि तमाम एनालिस्ट के 5 फीसदी के अनुमान से कम रही है। सीजनल इफेक्ट, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट और मेडिकल डिवाइस वर्टिकल के कमजोर प्रदर्शन और वित्त वर्ष 2022 के दूसरी तिमाही के बड़े बेस ने कंपनी के रेवेन्यू पर दबाव बनाया है।
गौरतलब है कि पिछले 2 तिमाहियों में टियर 2 कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया था जिसको देखते हुए तीसरे तिमाही में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। इसके अलावा तीसरी तिमाही में सीजनल प्रभाव के बावजूद टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसी लॉर्जकैप आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है। इस पृष्ठभूमि में देखें तो LTTS के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है जिसके चलते ही बुधवार यानी आज के कारोबार में इंट्राडे में यह शेयर 7 फीसदी टूट गया।
बता दें कि नतीजों के बाद हुई कंपनी के कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा था कि मांग में मजबूती बनी हुई है और कंपनी की डील पाइपलाइन भी काफी मजबूत है। जिसको देखते हुए वित्त वर्ष 2022 में कंपनी की अमेरिकी डॉलर में होने वाली कमाई में 19-20 फीसदी की ग्रोथ की संभावना है।
इसके अलावा कंपनी के मैनेजमेंट ने यह भी कहा है कि उसका लॉन्ग टर्म मार्जिन 18 फीसदी के आसपास रहेगा। हालांकि कंपनी के प्रबंधन ने यह भी कहा है कि कंपनी के मार्जिन पर ट्रैवल कॉस्ट में बढ़ोतरी, वेतन में बढ़ोतरी और अधिग्रहण पर आने वाले खर्च का असर दिखेगा।
इसके बावजूद एनालिस्ट का मानना है कि LTTS के स्टॉक में मजबूती की संभावना बनी हुई है। पिछले 1 साल में यह स्टॉक 95 फीसदी भागा है जबकि इस अवधि में निफ्टी का आईटी इंडेक्स सिर्फ 44 फीसदी भागा है। 4 जनवरी 2022 को ही इस स्टॉक में 5955 रुपये का अपना नया 52 वीक हाई छुआ था।