Multibagger Stock : RK Damani के इस शेयर ने 3 महीने में दिया 100% रिटर्न, 15 साल के हाई पर पहुंचा

सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर और अडानी ग्रुप के अम्बुजा सीमेंट्स और एसीसी को खरीदने के बाद सीमेंट स्टॉक्स (Cement stocks) खासे सुर्खियों में हैं

अपडेटेड Sep 22, 2022 पर 8:36 AM
India Cements के शेयर ने 20 जून, 2022 को 145.55 का स्तर छूआ था, जो उसका 52 सप्ताह का लो है
     
     
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    Radhakishan Damani owned India Cements : दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की ओनरशिप वाली इंडिया सीमेंट्स में हाल के कुछ महीनों से तेजी का रुझान बना हुआ है। इसके साथ ही शेयर मंगलवार को अपने कई साल के हाई 298.45 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, बुधवार को शेयर में 3.49 फीसदी की कमजोरी आई और 274 रुपये पर बंद हुआ।

    15 साल के हाई पर पहुंचा शेयर

    बहरहाल, शेयर ने मंगलवार को 300 रुपये के पास पहुंचने के साथ लगभग 15 साल बाद इस स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले शेयर ने दिसंबर, 2007 में 300 का स्तर छूआ था और उसका लाइफटाइम हाई 333 रुपये है।


    India Cements के शेयर पिछले तीन महीने में अपने 52 हफ्ते के लो से लगभग 100 फीसदी मजबूत हो चुके हैं। शेयर ने 20 जून, 2022 को 145.55 का स्तर छूआ था, जो उसका 52 सप्ताह का लो है।

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    तीन साल में 330 फीसदी का दिया रिटर्न

    पिछले तीन साल के दौरान स्टॉक में 330 फीसदी से ज्यादा की रैली आ चुकी है। कोविड-19 के निचले स्तरों से इंडिया सीमेंट्स अभी तक इनवेस्टर्स को 225 फीसदी का रिटर्न दे चुकी है। सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर और अडानी ग्रुप के अम्बुजा सीमेंट्स और एसीसी को खरीदने के बाद सीमेंट स्टॉक्स (Cement stocks) खासे सुर्खियों में हैं।

    30 जून, 2022 तक देश के दिग्गज निवेशकों में शुमार राधाकिशन दमानी (Radhakishan Damani) और एसोसिएट्स के पास इंडिया सीमेंट्स के 6,43,98,190 के इक्विटी शेयर यानी 20.8 फीसदी हिस्सेदारी है। इस हिस्सेदारी की कीमत लगभग 1,870 करोड़ रुपये है।

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    घरेलू ब्रोकरेज Motilal Oswal ने कहा, “इंडस्ट्री के कंसोलिडेशन से कंपनियों की प्राइसिंग पावर यानी कीमतें तय करने की क्षमता, कॉस्ट में कमी और परिचालन दक्षता में तालमेल और क्रॉस ब्रांडिंग में इजाफा होगा। इससे कंपनियों को मार्केट में पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

    एक अन्य मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि दिसंबर 2022 में समाप्त तिमाही के दौरान फ्यूल की कीमतों में कमी का फायदा दिख सकता है, जबकि जनवरी-जून 2023 में अच्छी डिमांड देखने को मिल सकती है और कीमतें बेहतर हो सकती हैं।

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