ONGC Shares : ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के शेयरों में पिछले महीने 12 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई है। कंपनी को वैश्विक बाजारों में क्रूड ऑयल की कीमतों में मजबूती का फायदा मिला है। बीते 30 दिनों में ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में 14 फीसदी से ज्यादा की मजबूती दर्ज की गई। वहीं ट्रेडर्स डिमांड में आगे भी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं और सप्लाई बढ़ना मुश्किल लग रही है।
इन वजहों से बढ़ रहीं क्रूड की कीमतें
तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने हाल में प्रति दिन 4 लाख बैरल उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, जो डिमांड और सप्लाई के अंतर की भरपाई करने के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।
इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के बाद ग्लोबल इकोनॉमीज के खुलने के साथ ग्लोबल डिमांड बढ़ने से तेल उत्पादक देशों की उत्पादन बढ़ाने की क्षमता में ओपेक की घटती क्षमता को बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है।
वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी को ईस्टर्न यूरोप में जिओपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tensions) से और मजबूती मिली है, जहां अमेरिका ने यूक्रेन को “किसी भी समय” संभावित रूसी आक्रमण की चेतावनी दी है।
नाटो देश में लगा सकते हैं रूस पर प्रतिबंध
ट्रेडर्स को चिंता है कि रूस के आक्रामक रुख के चलते नाटो के सदस्य यूरोपियन देश पर प्रतिबंध लगाने को मजबूर हो सकते हैं, जिससे रूस से क्रूड ऑयल के निर्यात में संभावित कमी सामने आ सकती है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ओएनजीसी के लिए फायदेमंद हो सकती है, जिसे सितंबर तिमाही के अंत में क्रूड से औसतन 70 डॉलर प्रति बैरल की कमाई हुई थी। इससे उसकी कमाई में आगे खासी बढ़ोतरी के संकेत मिलते हैं।
ओएनजीसी के नतीजे अच्छे रहने का अनुमान
एनालिस्ट्स को दिसंबर और मार्च तिमाही में कंपनी के अच्छे नतीजे रहने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह इस अवधि के दौरान तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
ओएनजीसी (ONGC) के शेयर सोमवार को (सुबह 10.30 बजे) लगभग 0.50 फीसदी की मजबूत के साथ 170.15 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं।