Q4 Results: आईटी कंपनियों का डिमांड आउटलुक बेहतर रहने की उम्मीद, मार्जिन पर दिख सकता है दबाव

मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है की TCS, Infosys, और Wipro की कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 3.0-3.5 फीसदी के बीच रह सकती है.

अपडेटेड Apr 07, 2022 पर 2:56 PM
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चौथी तिमाही में आईटी सेक्टर की टियर II कंपनियां टियर I कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखेंगी। हालांकि दोनों के बीच का यह अंतर कम होता नजर आएगा.

अगले हफ्ते से भारतीय आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष 2022 चौथी तिमाही के नतीजे आने शुरु हो जाएंगे। इनवेस्टरों की नजर इनके आंकड़ों और ट्रेंड दोनों पर लगी रहेगी। आईटी सेक्टर के एनालिस्ट के मुताबिक डिजिटल एंड क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन की मजबूत डिमांड के चलते आगे भारतीय आईटी सेक्टर का आउटलुक मजबूत बना रहेगा।

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS वित्त वर्ष 2022 के चौथी तिमाही के नतीजे 11 अप्रैल को जारी करेगी। वहीं Infosys अपने नतीजे 12 अप्रैल को जारी करेगी। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि कंपनियां क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन AI/ML,ब्लॉकचेन जैसी नई टेक्नोलॉजी पर निवेश कर रही है। इससे आनेवाली तिमाही में आईटी कंपनियों की डिमांड में और बढ़त होती नजर आ सकती है।

बता दें कि सितंबर-अगस्त एकाउंटिंग कैलेंडर का अनुपालन करने वाली Accenture ने पिछले महीने अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए थे। उसके मुताबिक इसके नतीजे अनुमान से बेहतर रहे थे। Accenture ने अपनी कमेंट्री में कहा है कि अब तक सिर्फ 30 फीसदी एप्लीकेशन क्लाउंड की तरफ माइग्रेट हुए हैं जिससे इस बात का संकेत मिलता है कि आगे क्लाउड का ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े सौदों की व्यापक संभावना है।


एनालिस्ट का मानना है कि चौथी तिमाही में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू कमेंट्री मजबूत रहेगी। इनकी डिमांड पर रूस-यूक्रेन युद्ध और महंगाई का कोई असर नहीं दिखेगा।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चौथी तिमाही में आईटी सेक्टर की टियर II कंपनियां टियर I कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखेंगी। हालांकि दोनों के बीच का यह अंतर कम होता नजर आएगा। मोतीलाल ओसवाल का यह भी कहना है कि हाई बेस की वजह से चौथी तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर आईटी कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ मध्यम रह सकती है।

मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है की TCS, Infosys, और Wipro की कॉस्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 3.0-3.5 फीसदी के बीच रह सकती है। वहीं एचसीएल टेक की रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 2 फीसदी की ग्रोथ के साथ सबसे कमजोर रह सकती है।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि चौथी तिमाही में आईटी कंपनियों के मार्जिन के दबाव में रहने की संभावना है। कंपनियों के मार्जिन पर सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों का असर देखने को मिल सकता है। मोतीलाल ओसवाल का भी कहना है कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में धीमी ग्रोथ और वेतन बढ़ोतरी के कारण आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।

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