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रेल लैंड लाइसेंस फीस 6% से घटाकर 1.5% की गई, इन कंपनियों को मिलेगी बड़ी राहत- CNBC-Awaaz Source

सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों से पता चला है कि सरकार ने रेल लैंड लीज की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 35 करते हुए बड़ी बढ़ोत्तरी की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 07, 2022 पर 1:59 PM
रेल लैंड लाइसेंस फीस 6% से घटाकर 1.5% की गई, इन कंपनियों को मिलेगी बड़ी राहत- CNBC-Awaaz Source
आज सुबह 11 बजे शुरू हुई कैबिनेट मीटिंग में रेल लैंड लीज फीस पर बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने फीस में बड़ी कटौती की है

आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेल लैंड लीज पॉलिसी को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। रेल लैंड लीज फीस (LLF) में बड़ी कटौती की गई है। कैबिनेट ने रेल लैंड लाइसेंस फीस 6% से घटाकर 1.5% कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ रेल लैंड के लीज की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 35 साल करने का फैसला लिया गया है। सीएनबीसी-आवाज़ को एक्सक्लूसिव सूत्रों से ये जानकारी मिली है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा दोपहर 3 बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किये जाने की उम्मीद है।

सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने एक्सक्लूसिव सूत्रों के हवाले से कहा कि कैबिनेट के फैसले के मुताबिक लैंड मार्केट प्राइस का 1.5% सालाना लैंड लाइसेंस फीस होगी। फैसले में स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ कार्गो संबंधित कंपनियों के लिए LLF में कटौती की गई है। इसके अलावा रेल की जमीन किसी कंपनी के पास लीज पर है तो कंपनियों के पास स्विच करने का विकल्प भी होगा। इसके तहत कंपनियां नई पॉलिसी में स्विच कर सकती हैं। अब लीज की अवधि 5 साल की बजाय 35 सालों तक होगी।

आज इस बैठक में PM गतिशक्ति टर्मिनल विकसित करने का फैसला भी किया गया है। सरकार का अगले 5 साल में 300 गतिशक्ति टर्मिनल बनाने का लक्ष्य है। इसके बारे में भी कैबिनेट मीटिंग पर आज 3 बजे होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में औपचारिक घोषणा की जा सकती है।

लक्ष्मण ने सूत्रों के हवाले से आगे कहा कि ये सारी छूट, राहत और सुविधा सिर्फ कार्गो में कारोबार करने वाली कंपनियों को उपलब्ध होंगी। वहीं कंपनी की बात करें तो कॉन्कोर (CONCOR) के लिए ये खबर बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसका कारण ये है कि ये सरकारी कंपनी होने के नाते 31 मार्च 2020 तक ये कंपनी खास सुविधा का लाभ उठाती रही है। इस कंपनी की रेल लैंड बहुत ही रियायती दरों पर दी जाती थी।

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