बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ो के मुताबिक रूचि सोया के फॉलो ओन पब्लिक ऑफर से विदेशी निवेशकों ने अपनी अधिकांश बिड वापस ले ली है जबकि हाई नेटवर्थ वाले निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने मामूली निकासी की है।

बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ो के मुताबिक रूचि सोया के फॉलो ओन पब्लिक ऑफर से विदेशी निवेशकों ने अपनी अधिकांश बिड वापस ले ली है जबकि हाई नेटवर्थ वाले निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने मामूली निकासी की है।
बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ो के मुताबिक 30 मार्च 2022 तक 97.4 लाख शेयरों के 14,583 आवेदन वापस लिए गए है। इस FPO में QIB ने 78.6 लाख बिड वापस लिए है जबकि हाई नेटवर्थ वाले निवेशकों ने 13.1 लाख बिड वापस लिए है। वहीं रिटेल निवेशकों ने 5.7 लाख शेयरों के बिड वापस लिए है। इस बिड वापसी के साथ ही FPO का कुल सब्सक्रिप्शन 28 मार्च के 3.6 गुने से गिरकर 3.39 गुने पर आ गया है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों के दौरान यह FPO इश्यू मुश्किल के दौर में था। सेबी ने रूचि सोया को निर्देश दिया था कि वह निवेशकों को कंपनी के फॉलो ओन ऑफर से अपने आवेदन वापस लेने की अनुमति दे। बता दें कि सेबी ने यह कदम उस खबर के बाद उठाया था जिसमें बताया था कि इस इश्यू से संबंधित एक अवाक्षित मैसेज निवेशकों के पास आ रहा जिसमें लिखा था कि "पतंजलि परिवार के सभी प्रिय सदस्यों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पतंजलि ग्रुप की कंपनी रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड का फॉलो-ऑन ऑफर (FPO) रिटेल निवेशकों के खुल गया है। 28 मार्च को यह इश्यू बंद हो जाएगा। यह इश्यू 615-650 रुपये प्रति शेयर के भाव पर उपलब्ध है, जो बाजार भाव से 30 फीसदी कम है। आप अपने DMAT अकाउंट से इस शेयर के लिए बैंक/ब्रोकर/ASBA/UPI के जरिए निवेश कर सकते हैं।"
सेबी ने इस मामले में प्रमुख बैंकिंग मैनेजरों को निर्देश दिया है कि वे सभी निवेशकों को ऐसे अवांछित SMS को लेकर आगाह करते हुए मंगलवार और बुधवार को समाचार पत्रों में विज्ञापन दें। रुचि सोया ने पिछले हफ्ते कंपनी को पूरी तरह के कर्ज मुक्त बनाने और सेबी के शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने के लिए 4,300 करोड़ रुपये का FPO लॉन्च किया था।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि जब रूचि सोया मुश्किल में पड़ा हो। इसके पहले अक्टूबर 2021 में एक क्लिप वायरल हुई थी जिसमें बाबा रामदेव आस्था टीवी पर प्रसारित होने वाले एक योगा सेंशन के दौरान निवेशकों से रूचि सोया में निवेश करने की अपील करते नजर आए थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सेबी ने बाबा रामदेव को एक पत्र भेजते हुए चेतावनी दी थी कि वे रूचि सोया के FPO के पहले किसी भी तरीके का संदिग्ध दावा ना करें।
बता दें कि रुचि सोया पर पतंजलि ग्रुप का मालिकाना हक है। बाबा रामदेव की इस कंपनी के FPO का इश्यू प्राइस 615-650 रुपए तय किया है। कंपनी देश की सबसे बड़ी एडिबल ऑयल कंपनियों में से एक है। दिवालिया होने के बाद रुचि सोया शेयर बाजार से डीलिस्ट हो गई थी।
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