क्रिप्टो करेंसी की खरीद-फरोख्त पर सख्ती होती हुई दिखाई देगी। ये सख्ती भारत समेत विदेशों में भी होगी। क्रिप्टो करेंसी की खरीद-फरोख्त पर सख्ती बरतने के बारे में G20 बैठक में IMF रेगुलेशन का रोडमैप पेश करेगा। अबकी बार G20 बैठक भारत में होगी। इस बार G20 बैठक 14 से 18 जुलाई के बीच गुजरात के गांधीनगर में होगी। इस बैठक में US, UK, कनाडा, फ्रांस समेत 19 देश शामिल होंगे होंगे। इसमें यूरोप भी शामिल हो सकता है। क्रिप्टो करेंसी के बारे में तैयार रेगुलेशन G20 में सहमति के बाद जारी होगा। माना जा रहा है कि G20 सदस्य क्रिप्टो पर पाबंदी लगाने के खिलाफ हैं।
सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार क्रिप्टो करेंसी पर पाबंदी लगाना चाहती है। इसकी तैयारी भी चल रही थी। लेकिन सरकार को ये भी अहसास हो गया कि इससे क्रिप्टो करेंसी खरीदने वालों पर पूरी तरह से लगाम नहीं लगेगी। भारत में पाबंदी लगाने का कोई बड़ा फायदा नहीं होगा। इसकी वजह ये है कि इसके खरीदार इस करेंसी को दूसरे देशों से भी खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं दूसरे देशों से क्रिप्टो करेंसी खरीदना आसान भी है।
इसलिए अब इस बारे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाने की तैयारी चल रही है। लक्ष्मण ने सूत्रों के हवाले से आगे कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर पूरी तरह से पांबदी तो नहीं लगेगी। लेकिन इसकी खरीद-फरोख्त पर सख्ती की जा सकती है। इस पर रेगुलेशन लाया जा सकता है। ये रेगुलेशन केवल भारत ही नहीं लायेगा बल्कि जी 20 देशों के मेंबर जैसे US, UK, कनाडा, फ्रांस समेत 19 देश शामिल होंगे होंगे।
इन देशों ने ये संकेत दिये हैं इस पर रेगुलेशन लाया जायेगा। लेकिन रेगुलेशन की रूपरेखा क्या होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी आईएमएफ के कंधों पर होगी। आईएमएफ रेगुलेशन का रोडमैप पेश करेगा। जुलाई के मध्य में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बैठक में आईएमएफ रेगुलेशन का मसौदा रखेगा। उस मसौदे पर सहमति बनने पर इससे लागू किया जा सकता है।