मोनोपोली वाले कारोबार में निवेश करना एक बेहतर निवेश रणनीति मानी जाती है। बाजार में किसी बड़े कॉम्पिटीटर के अभाव में इस तरह के स्टॉक पर कोई बड़ा खतरा नहीं होता। इसलिए माना जाता है कम कॉम्पिटिशन ज्यादा मुनाफा। हालांकि यह भी सही है कि इस तरह की कंपनियों को खोजना बड़ी मुश्किल होता है क्योंकि उच्च मुनाफे में आर्कषित होकर अक्सर नए खिलाड़ी बाजार में उतरते रहते हैं। बाजार में इस तरह की बहुत कम कंपनियां है जिनकी पूरी तरह से मोनोपोली है लेकिन ऐसी कंपनियां मिल जाती हैं जो मोनोपोली (एकाधिकार ) के बहुत करीब होती है। इसकी वजह उनके ब्रांड पहचान और किसी खास जियोग्राफी में उनका प्रभुत्व होता है। यहां हम आपके लिए ऐसे 4 स्मॉलकैप कंपनियां लेकर आए हैं जो अपने सेगमेंट में मजबूत एकाधिकार (मोनोपोली ) रखती हैं और यह अपनी कैटेगरी की लीडरशिप पोजिशन में है। आइए डालते हैं इन पर एक नजर ।
नोसिल इस सूची की पहली कंपनी है जो भारत की सबसे बड़ी रबर केमिकल बनाने वाली कंपनी है। भारतीय बाजार में इसकी 40 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी दुनिया की कुछ ऐसी कंपनियों में से है जिसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 22 रबर केमिकल हैं। दुनियाभर के 40 से ज्यादा रबर बनाने वाली कंपनियों के साथ कंपनी के कारोबारी संबंध है और यह संबंध करीब 40 साल से कायम है। कंपनी की ग्राहक लिस्ट में Apollo, MRF, JK, Fiat, Ceat, Michelin, Bridgestone, Yokohama rubber, Sumitomo Rubber, Continental जैसी कंपनियां शामिल हैं।
जानकारों का कहना है कि आगे कंपनी को ग्लोबल प्लेयर्स के चाइना प्लस वनका भी फायदा मिलेगा। निवेशको को इस स्टॉक पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
2-Oriental Carbon & Chemicals
Oriental Carbon & Chemicals घरेलू बाजार में इनसोल्यूबल सल्फर (IS) बनाने वाली अकेली कंपनी है। घरेलू बाजार में इसकी लीडरशिप पोजिशन है। घरेलू बाजार में इसकी 55%-60% और ग्लोबल बाजार में 10% हिस्सेदारी है। ISका इस्तेमाल टायर इंडस्ट्रीज में रबर को वल्कनाइज्ड करने के लिए किया जाता है। वल्कनाइजेशन के तहत रबर को सल्फर के जरिए गर्म किया जाता है। कंपनी अपनी क्षमता विस्तार पर फोकस कर रही है। वर्तमान में यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 10% ऊपर नजर आ रहा है। बाजार दिग्गजों को आगे इस शेयर में अच्छी तेजी की उम्मीद है।
Mold Tek Packaging भारत में प्लास्टिक पैकेजिंग के एरिया में लीडिंग पोजिशन रखती है। यह भारत की अकेली ऐसी कंपनी है जो अपने मोल्ड लेबलिंग कारोबार के लिए इन हाउस रोबोट्स बनाती है। इसके अलावा यह देश की अकेली ऐसी पैकेजिंग कंपनी है जो बैकवर्ड इंटिग्रेटेड है। वर्तमान में इसके ग्राहकों की सूची में Asian Paints, Kansai Nerolac, Castrol, Mondelez, HUL जैसे बड़ी शामिल हैं।
Mold-Tek के ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें तो इसने मजबूत प्रॉफिट मार्जिन दर्ज की है। आगे फूड सेगमेंट में नए ग्राहक मिलने से कंपनी को प्रोडक्ट मिक्स में और सुधार आयेगा। यह स्टॉक पिछले कुछ सालों का मल्टीबैगर स्टॉक रहा है। आगे भी इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
Triton Valves घरेलू ऑटोमौटिक ट्यूब वॉल्व और कोर सेगमेंट की लीडर है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 75 फीसदी है। भारत के लगभग सभी टायर उत्पादन कंपनियां इसकी ग्राहक सूची में शामिल हैं। कंपनी लगातार अपने शेयर धारकों को डिविडेंड चुकाती रही है। वित्त वर्ष 2021 के लिए इसने 10 रुपये फेस वैल्यू के शेयरों पर 20 रुपये का लाभांश भुगतान किया था।
कंपनी के लिए चिंता का अकेला मुद्दा इसका कर्ज स्तर है। कंपनी पर करीब 1 अरब रुपये का कर्जा है। जिसके चलते इसका डेट इक्विटी रेश्यो 1 के ऊपर चला जाता है। उम्मीद है कि कंपनी वित्त वर्ष 2022 में 15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी जिसमें से कुछ पैसे का इंतजाम कर्ज से किया जाएगा। यह स्टॉक पिछले कुछ समय से दबाव में चल रहा है। जून और सितंबर 2021 तिमाही में कंपनी को घाटा हुआ था। पिछले कुछ सालों के दौरान इस शेयर में 28 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
अब सवाल यह है कि क्या सभी मोनोपॉली वाले शेयर जोखिम मुक्त होते हैं? तो इसका जबाव है नहीं। इस तरह के कई उदाहरण है कि मोनोपॉली एंज्वाय करने वाली कंपनियां उस समय लड़खड़ा गई जब उनके सामने एकाएक कोई बड़ा कॉम्पिटीटर आ गया। इसलिए ध्यान रहे कि सभी मोनोपॉली वाली कंपनियां जोखिम मुक्त होती हैं । ऐसा सोचना अपने में बहुत बड़ी गलती होती है।
भारतीय बाजार का उदाहरण ले तो रिलायंस जियो के बाजार में आने से देश में पहले से मौजूद टेलिकम्युनिकेशंन कंपनियों के सामने एकाएक बड़ा कॉम्पिटर खड़ा हो गया । इस कॉम्पिटिशन का झटका भारती एयरटेल और वोडाफोन जैसे कंपनियों को झेलना पड़ा। वोडाफोन आइडिया तो आज अपना अस्तित्व बचाने के चक्कर में लगी हुई है। ऐसे में निवेश करते समय सिर्फ मोनोपॉली बिजनेस को ही अपना आधार ना बनाएं। निवेश करते समय कंपनी के बिजनेस मॉडल, उसके प्रबंधन, प्रतिस्पर्धा में उसके टिके रहने की क्षमता को भी अपने ध्यान में रखें।