YES Bank Q4 Result: प्रोविजंस में 95% की गिरावट के चलते बैंक को हुआ 367 करोड़ रुपये का मुनाफा

बैंक के मुनाफे में तिमाही आधार पर 38 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है

अपडेटेड Apr 30, 2022 पर 5:32 PM
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सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2019 के बाद पहली बार यानी वित्त वर्ष 2022 में बैंक को 1,066 रुपये का मुनाफा हुआ है

प्राइवेट सेक्टर के बैंक यस बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मजबूत प्रदर्शन किया। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में बैंक को 367 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 3,788 करोड़ रुपये घाटा हुआ था। बैंक के प्रोविजंस में कमी, मजबूत शुद्ध ब्याज आय और प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPoP) और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते बैंक ने चौथी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है।

तिमाही आधार पर नजर डालें तो चौथी तिमाही में बैंक के मुनाफे में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि दिसंबर तिमाही में बैंक का मुनाफा 266 करोड़ रुपये रहा था।

पूरे साल की बात करें तो सालाना आधार पर FY19 के बाद पहली बार यानी FY22 में बैंक को 1,066 रुपये का मुनाफा हुआ है जबकि FY21 में बैंक को 3,462 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसके अलावा FY20 में भी बैंक को 22715 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।


हालांकि वित्त वर्ष 2022 के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (net interest income (NII) पिछले वित्त वर्ष की आय के मुकाबले 12.5 प्रतिशत घटकर 6498 करोड़ रुपये रही।

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सालाना आधार पर बैंक का NII (अर्जित ब्याज और खर्च किए गए ब्याज के बीच का अंतर) Q4FY22 में 84.4 प्रतिशत बढ़कर 1,819 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही आधार पर यह 3.1 प्रतिशत बढ़ी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.5 प्रतिशत हो गई। ये सालाना आधार पर 90 बीपीएस और तिमाही आधार पर 10 बीपीएस रही।

सालाना आधार पर मार्च 2022 तक 1.81 लाख करोड़ रुपये की लोन बुक में 8.5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक ने कहा कि सालाना आधार पर मार्च 2021 की जमा राशि में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई और तिमाही आधार पर इसमें 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

मार्च 2022 को समाप्त तिमाही के लिए प्रोविजंस और कंटीजेंसीज 271 करोड़ रुपये रही। इसमें पिछले साल की तुलना में 94.7 प्रतिशत और पिछली तिमाही की तुलना में 27.7 प्रतिशत गिरावट देखने को मिली है।

मार्च 2022 के अंत में एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार देखा गया है। इसमें कुल नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 13.9 प्रतिशत पर आ गया। पिछली तिमाही में ये 14.7 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए पिछली तिमाही के 5.3 प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत हो गया। इसके स्लिपेज में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली।

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सालाना आधार पर मार्च 2022 में स्लिपेज 5,795 करोड़ रुपये रही जबकि मार्च 2021 के अंत में ये 12,035 करोड़ रुपये रही थी। वहीं तिमाही आधार पर यस बैंक की चौथी तिमाही में स्लिपेज 802 करोड़ रुपये रही थी जबकि दिसंबर 2021 तिमाही में 978 करोड़ रुपये रही थी। स्लिपेज की ये राशि वित्त वर्ष 22 में अब तक की सबसे कम राशि है।

बैंक ने अन्य आय (गैर-ब्याज आय) में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की। सालाना आधार पर Q4FY22 में अन्य आय 27.9 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 20.2 प्रतिशत बढ़कर 882 करोड़ रुपये हो गई।

यस बैंक के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने कहा, "यस बैंक में हो रहे बदलाव के चलते पिछले 2 वर्षों में बैलेंस शीट में निरंतर बढ़त, एसेट क्वालिटी के रुझान में सुधार, लिक्विडिटी और कैपिटल में इजाफा नजर आया है।"

कुमार ने आगे कहा कि फ्रैंचाइजी की कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार जारी है,स्ट्रेस्ड एसेट्स में कमी आई है। इसकी वजह से बैंक को मुनाफा हुआ है।

 

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