Zee Block Deal : ओएफआई ग्लोबल चाइना फंड एलएलसी और इन्वेस्को डेवलपिंग मार्केट्स के प्रबंधन वाले अन्य फंड्स ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लि. (Zee Entertainment Enterprises Ltd) में अपने कुल 5.29 करोड़ शेयर बेच दिए हैं। इस खबर के बाद, मंगलवार, 18 अक्टूबर को बीएसई पर शुरुआती कारोबार में Zee Entertainment के शेयर 6 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर 279.75 रुपये के स्तर पर पहुंच गए।
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये शेयर कंपनी की कुल 5.51 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर हैं।
इस कीमत पर डील की है उम्मीद
समझा जाता है कि यह डील 250 रुपये से 263.7 रुपये प्रति शेयर की रेंज में हुई है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, 17 अक्टूबर के क्लोजिंग प्राइस 263.7 रुपये प्रति शेयर की तुलना में यह डील 0-5.2 फीसदी की रेंज में डिस्काउंट पर हो सकती है। प्राइस रेंज के बॉटम पर की गई गणना के आधार पर यह डील अनुमानित रूप से 1,323 करोड़ रुपये में हुई है। प्राइस रेंज के अपर एंड पर इस डील की वैल्यू 1,395 करोड़ रुपये हो सकती है।
सीएनबीसी टीवी-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेलर्स के लिए 180 दिन का लॉक अप पीरियड लागू होगा। इस डील के लिए कोटक सिक्योरिटीज एक मात्र ब्रोकर थी।
ज़ी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर्स में से एक इन्वेस्को को बीते साल कंपनी के बोर्ड के साथ तगड़ी लड़ाई से जूझना पड़ा था, जब उसने कॉर्पोरेट गवर्नेंस में खामियों के आरोप लगाकर बोर्ड में व्यापक बदलाव के लिए ईजीएम बुलाने की मांग की थी।
हालांकि, इस साल मार्च में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इस क्रम में, Invesco ने ज़ी के सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के साथ मर्जर के प्रस्ताव को समर्थन दिया था।
कंपनी से निकलने की कोशिश में इन्वेस्को
इस साल अप्रैल में इन्वेस्को ने 2,200 करोड़ रुपये में ZEE एंटरटेनमेंट में 7.8 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। इन्वेस्को का यह फैसला एजीएम में अपनी मांग को वापस लेने के बाद आई थी। दरअसल, इन्वेस्को सितंबर 2021 से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। इन्वेस्को के विरोध के बाद ही ज़ी के सीईओ पुनीत गोयनका और बोर्ड में फेरबदल भी किया गया।