16 मार्च यानी आज के शुरुआती कारोबार में Zomato के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। मनीकंट्रोल की खबर ने आज इस स्टॉक पर अपना असर दिखाया है। गौरतलब है कि मनीकंट्रोल ने पहले ही यह जानकारी दी थी कि Zomato ने ऑनलाइन ग्रोसरी पोर्टल Blinkit के अपने साथ मर्जर के लिए एक ऑल स्टॉक डील (पूरी तरह से शेयरों के माध्यम से होने वाला लेन-देन) किया है।
Zomato ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि वह Blinkit को उसकी कैपिटल जरुरतों को पूरा करने के लिए 15 करोड़ डॉलर का कर्ज देगी। ये लोन एक या एक से अधिक किस्तों में दिया जाएगा।
गौरतलब है कि Blinkit को पूर्व में ग्रोफर्स के नाम से जाना जाता था। जोमैटो ने कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट को लोन से जुड़ी शर्तों को तय करने का अधिकार सौंपा है। यह लोन 12% सालाना या उससे अधिक के इंटरेस्ट पर दिया जाएगा, जिसकी अवधि एक साल के अधिक की नहीं होगा। इस लोन से ब्लिंकिट को शॉर्ट-टर्म में अपने कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगा।
बता दें कि Blinkit क्विक सर्विस ग्रोसरी फॉर्मेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते भारी दबाव में आ गया है। कंपनी को Zepto और Swiggy के इंस्टामार्ट से भारी कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते कंपनी को अपने तमाम कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है , कई स्टोर बंद करने पड़े हैं और कुछ वेंडरों के पेमेंट में भी देरी हुई है।
ब्रोकरेज फर्म HSBC Securities India का इंडिया का कहना है कि Zomato में Blinkit के संभावित मर्जर से इस ऑनलाइन ग्रोसर (Blinkit)को जोमैटो के कस्टमर तक पहुंच मिल जाएगी जबकि जोमैटो ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट में भी अपने पैर फैला सकेगा जो एक बहुत बड़ा मार्केट है।
इसी तरह ब्रोकरेज फर्म BofA Securities ने कहा है कि Blinkit के साथ जोमैटो की यह डील नियर टर्म के लिए निगेटिव साबित होगी। BofA Securities का मानना है कि जोमैटो की तरफ से Blinkit में किया जाने वाला बड़ा पूंजी निवेश जोमैटो के लिए घाटा के सौदा साबित हो सकता है। जोमैटो का यह निर्णय उसके उस ऐलान के खिलाफ भी जाता है जिसमें उसने कहा था कि वह अगले कुछ वर्षों तक अपने एक कोर बिजनेस पर फोकस करेगी।
बतातें चलें कि 2022 में जोमैटो के शेयरों की भारी पिटाई हुई है। गौरतलब है कि हाल में लिस्ट हुई तमाम इंटरनेट और टेक आधारित कंपनियों का वैल्यूएशन काफी ज्यादा रहा था और इनमें से अधिकांश घाटे में चल रही हैं। इसके अलावा दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना के चलते भी इन शेयरों पर काफी दबाव बना है जिसके कारण नए युग के टेक आधारित इन शेयरों की जोरदार पिटाई होती दिखी है जिसमें जोमैटो के शेयर भी शामिल हैं।