Zerodha का धमाकेदार ऐलान! अब Kite ऐप से सीधे US स्टॉक मार्केट में करें निवेश, जानें चार्ज से लेकर हर नियम
US Stock Investing: ब्रोकरेज दिग्गज जेरोधा ने भारतीय निवेशकों को अमेरिकी शेयर बाजार का सीधा एक्सेस दे दिया है। अब बिना किसी नए डीमैट अकाउंट के Kite ऐप के जरिए आप Apple, Google और Nvidia जैसी 2,000 अमेरिकी दिग्गज कंपनियों और ETFs में सिर्फ $1 से सीधे निवेश कर सकते हैं। जानिए इस नए फीचर की हर एक जरूरी डिटेल
जेरोधा ने इस इंटरनेशनल इन्वेस्टिंग सुविधा को फिलहाल बीटा मोड में लॉन्च किया है
Zerodha US Stock Investing: भारतीय शेयर बाजार के सबसे लोकप्रिय ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म जेरोधा ने अपने यूजर्स के लिए एक अपडेट पेश किया है। अब भारतीय निवेशक बिना किसी अलग ब्रोकरेज या डीमैट अकाउंट के सीधे जेरोधा के काइट (Kite) प्लेटफॉर्म से अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश कर सकेंगे। जेरोधा ने इस इंटरनेशनल इन्वेस्टिंग सुविधा को फिलहाल बीटा मोड में लॉन्च किया है।
क्या है यह सुविधा और कैसे करेगी काम?
विशाल दायरा: इस प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय निवेशक अमेरिका की लगभग 2,000 लिस्टेड कंपनियों और करीब 1,000 एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में सीधे निवेश कर सकते हैं। वैसे अमेरिकी कंपनियों के एक शेयर की कीमत कई डॉलर होती है जिनकी रुपए में वैल्यू हजारों में होती है। इसे खरीदना आम निवेशकों के बस की बात नहीं है।
इस समस्या के समाधान के लिए एक खास ऑप्शन भी पेश किया गया है। इसमें आपको पूरा एक शेयर खरीदने की जरूरत नहीं है। आप किसी बड़े शेयर का एक छोटा सा हिस्सा भी खरीद सकते हैं। यह पूरी सुविधा गुजरात के गिफ्ट सिटी स्थित BSE के स्वामित्व वाले 'इंडिया आईएनएक्स ग्लोबल एक्सेस' के माध्यम से संचालित की जा रही है।
जेरोधा के चार्जेस और फीस स्ट्रक्चर
अमेरिकी बाजार में ट्रेडिंग करते समय ब्रोकरेज के अलावा अन्य शुल्कों को समझना बेहद जरूरी है:
ब्रोकरेज चार्ज: जेरोधा कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का 0.1% ब्रोकरेज लेगा (प्रति ऑर्डर न्यूनतम $0.01 और अधिकतम $10 तक)। यह फीस शेयर खरीदने और बेचने दोनों पर लागू होगी।
अन्य टैक्स और रेगुलेटरी फीस: ब्रोकरेज पर GST, IFSCA टर्नओवर फीस और अमेरिकी रेगुलेटरी फीस (SEC और FINRA चार्ज - जो केवल बिक्री पर लागू होते हैं)।
उदाहरण से समझें: अगर आप $1,000 मूल्य के अमेरिकी शेयर खरीदते हैं, तो $1 ब्रोकरेज, $0.18 IGST और $0.05 IFSCA टर्नओवर फीस मिलाकर कुल $1.23 का खर्च आएगा (इसमें बैंक का करेंसी कन्वर्जन और रेमिटेंस चार्ज अलग से जुड़ेगा)।
कौन कर सकता है निवेश और क्या हैं नियम?
पात्रता: यह सुविधा सिर्फ भारतीय निवासी व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है। NRIs, संयुक्त खाते, HUF, कंपनियां और पार्टनरशिप फर्म फिलहाल इसमें निवेश नहीं कर सकते।
LRS लिमिट: आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत एक भारतीय नागरिक एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम $2,50,000 (लगभग ₹2.08 करोड़) तक की रकम ही विदेश भेज सकता है।
ट्रेडिंग नियम: यह सुविधा केवल डिलीवरी-बेस्ड निवेश के लिए है। इसमें इंट्राडे ट्रेडिंग, मार्जिन ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) की अनुमति नहीं होगी।
कैसे शुरू करें निवेश? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
सेगमेंट एक्टिवेट करें: Kite ऐप/वेब में लॉगिन करें, 'Marketwatch' पर जाकर 'International' विकल्प चुनें। 'Enable now' पर क्लिक करके 'Enable US investing' चुनें। इसके लिए आपका आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर एक्टिव होना चाहिए। ये पूरा प्रोसेस करने के के बाद एक्टिवेशन में करीब 30 मिनट लगते हैं।
ग्लोबल वॉलेट में पैसे डालें: सपोर्टेड पार्टनर बैंकों के नेट बैंकिंग के ज़रिए अपने रजिस्टर्ड भारतीय बैंक खाते से फंड ट्रांसफर करें। (ध्यान दें: UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से फंड ट्रांसफर मान्य नहीं होगा)।
शेयर चुनें और ऑर्डर दें: काइट पर अमेरिकी शेयर या ETF सर्च करें और अमेरिकी बाजार के समय के अनुसार अपना ऑर्डर प्लेस करें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।