HUL के शेयरहोल्डर्स क्यों कर रहे आइसक्रीम की मांग? रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा शेयर
Hul Share Price: दुनिया की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक, हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरधारक एक बार फिर से जोश में हैं। इस बार वजह है कंपनी का आइसक्रीम बिजनेस। उम्मीद की जा रही है यह आइसक्रीम बिजनेस, कंपनी के शेयर को एक नए मुकाम पर लेकर जा सकता है। इसी उम्मीद के चलते इसमें आज धड़ाधड़ खरीदारी हुई
Hul Share Price: आइसक्रीम बिजनेस का HUL के कुल बिक्री मे हिस्सा फिलहाल 3% के करीब है
Hul Share Price: दुनिया की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक, हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरधारक एक बार फिर से जोश में हैं। इस बार वजह है कंपनी का आइसक्रीम बिजनेस। उम्मीद की जा रही है यह आइसक्रीम बिजनेस, कंपनी के शेयर को एक नए मुकाम पर लेकर जा सकता है। इसी उम्मीद के चलते इसमें आज धड़ाधड़ खरीदारी हुई और लंबे समय के बाद यह स्टॉक निफ्टी का टॉप गेनर्स बना। इंट्राडे में इसने अपना नया 52-वीक भी हाई छुआ। तो आइए, जानते हैं कि आखिर HUL के शेयरहोल्डर्स आइसक्रीम खाने के लिए क्यों इतने उतावले दिख रहे हैं
HUL एक ऐसा ब्रांड है जो हमारी जिंदगी में गहराई से जुड़ा है। लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा एक अंतरराष्ट्रीय दिग्गज कंपनी Unilever के पास है। इसके चलते कभी-कभी HUL की अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं के लिए Unilever की ओर देखना पड़ता है और उसकी ग्लोबल रणनीतियों से मेल बिठाना पड़ता है। हाल ही में, Unilever ने जब चाय बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया था, तब भी ऐसी स्थिति हुई थी। लेकिन फिर बाद में भारत और इंडोनेशिया में कंपनी अपने चाय बिजनेस को नहीं बेचने पर राजी हो गई। यह HUL के निवेशकों के लिए एक राहत की खबर थी। क्योंकि चाय भारत में एक बड़ा मार्केट है, और भारत में इसके ग्रोथ की संभावनाएं अभी भी काफी मजबूत हैं।
अब वैसा ही एक और मोड़ आया है HUL के आइसक्रीम बिजनेस में। मार्च 2024 में Unilever ने अपने ग्लोबल आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद HUL ने भी इसके लिए इंडिपेंडेट डायरेक्टर्स एक कमिटी बनाई है जो इस बिजनेस की संभावनाओं का मूल्याकांन करेगी और बोर्ड को सुझाव देगी।
अब आप सोच रहे होंगे कि आइसक्रीम बिजनेस इतना अहम क्यों है? वैसे भी आइसक्रीम बिजनेस का HUL के कुल बिक्री मे महज 3 प्रतिशत ही हिस्सा है। इसके पीछे रीजन यह है कि भले ही अभी आइसक्रीम का बिजनेस, HUL के चाय बिजनेस जितना बड़ा नहीं है, लेकिन इसमें ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।
भारत में आइसक्रीम का मार्केट हाल के सालों में 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। तेजी से शहरीकरण, नए बाजारों में प्रवेश, बिजली की पहले से अधिक उपलब्धता और क्विक कॉमर्स कंपनियों की एंट्री ने आइसक्रीम की मांग को काफी बढ़ा दिया है।ल
कुछ साल पहले तक किसी ने सोचा भी नहीं था कि आइसक्रीम महज 10-15 मिनट में आपके घर में डिलीवर हो सकता है? वो भी बिना पिछले हुए। लेकिन आज ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियों ने इसे हकीकत बना दिया है। यही वजह है कि HUL के CEO और MD, रोहित जावा ने कहा कि क्विक कॉमर्स उनके आइसक्रीम बिजनेस के लिए सबसे अहम चैनलों में से एक है।
भारत में अभी भी घर से बाहर निकलकर आइसक्रीम खाने वाले लोगों की 93-95 प्रतिशत के आसपास है। जबकि बाकी देशों में यह आंकड़ा 70-80 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि भारत में आइसक्रीम के होम डिलीवरी की अभी भी काफी संभावनाएं हैं, जो इसके मार्केट को और बड़ा बना सकती हैं।
अब बात करें आइसक्रीम मार्केट में कॉम्पिटीशन की, तो ये बेहद कड़ा है। Amul इस मार्केट में नंबर 1 पोजीशन पर है और HUL दूसरे स्थान पर। इसके साथ ही कई रीजनल प्लेयर्स और D2C ब्रांड्स ने भी इस मार्केट में अपना दबदबा बनाया हुआ है। HUL ने 2016 में Adityaa Milk का आइसक्रीम बिजनेस खरीदा था, जो बताता है कि कंपनी इस सेगमेंट के ग्रोथ को लेकर बुलिश है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि HUL इस बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है। HUL ने जो कमिटी बनाई है, वो इस बिजनेस से जुड़ी सभी संभावनाओं पर विचार है। हालांकि मुख्य रूप से यहां पर 2 विकल्प दिखते हैं। अगर Unilever अपने ग्लोबल आइसक्रीम बिजनेस को अलग करती है, तो भारत में भी HUL का आइसक्रीम बिजनेस एक अलग पब्लिक लिस्टेड कंपनी बन सकता है। इससे HUL के शेयरहोल्डर्स को फैसला लेने का मौका मिलेगा – वे चाहें तो निवेश जारी रख सकते हैं या बेच सकते हैं।
दूसरा विकल्प है कि HUL अपने आइसक्रीम बिजनेस को एक नई सब्सिडियरी में ट्रांसफर कर दे और उसे फिर Unilever की किसी कंपनी को बेच दिया जाएगा। इससे HUL को कैश मिलेगा, जिसे वो या तो किसी और बिजनेस में निवेश कर सकती है या शेयरहोल्डर्स को स्पेशल डिविडेंड के रूप में बांट सकती है।
अब सवाल यह है कि HUL किस विकल्प को चुनेगा? निवेशकों की उम्मीदें पहले विकल्प पर टिकी हैं, जिसमें उन्हें हाई ग्रोथ और हाई पोटेंशियल वाले बिजनेस में निवेश का मौका मिलेगा। इसी वजह से HUL के शेयरों में उछाल देखा गया है।