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Ides of March:COVID-19 की दूसरी लहर, क्या होगा असर, क्या हो निवेश रणनीति

पूरी दुनिया में कोरोना के फैलाव के चलते मार्च 2020 में निफ्टी में 23 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी.

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 30, 2021 पर 4:30 PM
Ides of March:COVID-19 की दूसरी लहर, क्या होगा असर, क्या हो निवेश रणनीति

वह 23 मार्च, 2020 का दिन था जब भारत में लगभग 500 कोरोना वायरस के मामले मिले थे और सरकार ने पहली बार lockdown लगा दिया। कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही लॉकडाउन भी बढ़ता गया। साल की खत्म होने तक ये लगने लगा कि स्थितियां नियंत्रण में आ गई हैं। लेकिन हाल के हफ्तों के दौरान देश में कोरोना के मामलों में एक बार फिर भारी उछाल देखने को मिलने लगा। देश में इस समय रोज करीब 70 हजार नए मामले मिल रहे हैं।

अकेले भारत ही नहीं पूरी दुनिया में कोरोना के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। पूरी दुनिया में एकबार फिर लॉकडाउन और इकोनॉमिक गतिविधियों के पटरी से उतरने का डर पैदा हो गया है।

पूरी दुनिया में कोरोना के फैलाव के चलते मार्च 2020 में निफ्टी में 23 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी। लेकिन ये गिरावट जोखिम उठाने वाले और इस गिरवाट में शेयरों में पैसे लगाने वालों के लिए मिल्टीबैगर मौके के रूप में आया। इस मल्टीबैगर कमाई में लिक्विडिटी बढ़ाने की कोशिशों और सरकार की तरफ से निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए गए नीतिगत फैसलों का अहम योगदान रहा।

हम इस समय भी कुछ ऐसी ही स्थितियों का सामना कर रहे हैं। देश में कोरोना की दूसरी लहर देखने को मिल रही है। लेकिन ये अब तक देश के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है। लेकिन बाजार पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है। निफ्टी फरवरी 2021 के हाई से करीब 6 फीसदी टूट गया है।

देश में कोरोना संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ गया है। हालांकि राहत की बात ये है कि होली के दूसरे दिन हर दिन आने वाले नए केस की संख्या में गिरावट आई है। यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री (Union Health Ministry) के मुताबिक, देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 1,20,95,855 हो गई है। अब तक कुल 1,62,114 लोगों की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 68,020  के नए मामले मिले हैं।

बाजार जानकारों का कहना है कि यह गिरावट अच्छे शेयरों में खरीद का शानदार मौका है। निफ्टी में मार्च 2020 से अब तक करीब 70 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है और इस अवधि में 200 से ज्यादा मल्टीबैगर साबित हुए हैं।

Elara Securities की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय हम काफी मजबूत जगह पर खड़े हैं। लेकिन हमें इस बात पे ध्यान रखना होगा कि कोरोना का फैलाव दूसरे राज्यों में न हो। वर्तमान में कोरोना का केंद्रीयकरण ज्यादातर महाराष्ट्र में ही है। यहां कुल कुल एक्टिव केस के 63 फीसदी मामले हैं।

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