अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 2.8 फीसदी तक की तेजी आई है। सोने की कीमतों पर डॉलर में कमजोरी और अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों का असर पड़ा है। इसका असर 4 नवंबर को भारत में गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 8 फीसदी तक की तेजी दिखी।
सोने में जबर्दस्त तेजी का असर
मुथूट फाइनेंस का शेयर 3:20 बजे 8.30 फीसदी चढ़कर 2,738 रुपये पर था। मणप्पुरम फाइनेंस का शेयर 3 फीसदी चढ़कर 313.80 पर चल रहा था। IIFL Finance का शेयर 6.91 फीसदी के उछाल के साथ 580 रुपये चल रहा था। 4 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.88 फीसदी के उछाल के साथ 4,044 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी में 4.5 फीसदी की तेजी दिखी।
इन वजहों से सोने में आई तेजी
सोने की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में कमजोरी है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में बढ़त हासिल की है। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के लिए अच्छी खबर नहीं है। ट्रंप को अपने फैसलों पर अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी हासिल करने में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
अनिश्चितता बढ़ने पर सोने में आती है तेजी
Capital.com के सीनियर फाइनेंशियल मार्केट एनालिस्ट काइल रोड्डा के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट से सोने को फायदा मिला है। अमेरिका में कार्यपालिका और विधायिका के बीच राजनीतिक गतिरोध की आशंका से सरकारी खर्च की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। दुनिया में अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की इनवेस्टमेंट डिमांड बढ़ जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर दिखता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है।
सोने में तेजी से गोल्ड लोन कंपनियों को फायदा
सोने की कीमतों में उछाल से गोल्ड लोन कंपनियों को फायदा होता है। लोगों को अपनी गोल्ड ज्वेलरी पर ज्यादा लोन मिलता है। इससे गोल्ड लोन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। भारत में गोल्ड लोन का बहुत बड़ा बाजार है। इसकी वजह यह है कि भारत में घरों में सोना रखने की परंपरा रही है। जरूरत पड़ने पर लोग इस सोने को गिरवी रखकर गोल्ड लोन कंपनी से कर्ज लेते हैं।