India-US Trade Deal: टेक्सटाइल शेयरों में तूफानी तेजी, बाजार खुलते ही इन 6 स्टॉक्स में लगा 20% अपर सर्किट

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद मंगलवार 3 फरवरी को भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ समय से अमेरिकी टैरिफ के चलते सबसे ज्यादा दबाव झेल चुके टेक्सटाइल शेयरों में जोरदार खरीदारी लौटी और कई स्टॉक्स 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 9:54 AM
India-US Trade Deal: अब भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट्स पर अमेरिका में 18 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद मंगलवार 3 फरवरी को भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ समय से अमेरिकी टैरिफ के चलते सबसे ज्यादा दबाव झेल चुके टेक्सटाइल शेयरों में जोरदार खरीदारी लौटी और कई स्टॉक्स 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया। गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, केपीआर मिल, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज समेत कई शेयरों में 15 से 20 प्रतिशत तक भारी उछाल देखने को मिली।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया के जरिए दोनों देशों के बीच ट्रेड डील की जानकारी दी। इसके तहत भारतीय सामानों पर अमेरिका में लगने वाला टैरिफ अब 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। इस एक ऐलान ने निवेशकों के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया और अमेरिकी मार्केट पर निर्भर टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी आई।

किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी

ट्रेड डील की खबर के बाद गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल, वेलस्पन लिविंग, ट्राइडेंट, एसपी अपैरल और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख टेक्सटाइल शेयरों में 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया। इसके अलावा कई अन्य टेक्सटाइल शेयरों में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की मजबूती देखने को मिली, जिससे पूरा सेक्टर निवेशकों के फोकस में आ गया।


भारत-अमेरिका ट्रेड डील में क्या है खास

इस ट्रेड डील के तहत अब भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट एक्सपोर्ट्स पर अमेरिका में 18 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा। यह टैरिफ दूसरे देशों की तुलना में कम है। वियतनाम और बांग्लादेश से होने वाले गारमेंट एक्सपोर्ट्स पर अमेरिका में 20-20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जा रहा है, जबकि भारत के लिए यह दर 18 प्रतिशत तय की गई है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अंतर भारत के लिए बड़ा अवसर बन सकता है, क्योंकि अमेरिकी बाजार में कीमतों के लिहाज से भारतीय उत्पाद अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।

क्यों सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था टेक्सटाइल सेक्टर

अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद टेक्सटाइल शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। टेक्सटाइल कंपनियों की अमेरिका पर निर्भरता काफी ज्यादा है और कई कंपनियां अपनी कुल कमाई का 50 से 70 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी बाजार से हासिल करती हैं। इसी वजह से रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान और अमेरिका की दूसरे देशों के साथ ट्रेड डील की खबरों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया था।

विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका के रेडीमेड गारमेंट इंपोर्ट मार्केट में बांग्लादेश की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत और वियतनाम की हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत है, जबकि भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 6 प्रतिशत रही है। अब कम टैरिफ के चलते भारत की बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लंबी अवधि में भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को फायदा मिल सकता है।

हालिया गिरावट के बाद आई राहत

ट्रेड डील से पहले टेक्सटाइल शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी। पिछले एक महीने में गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयर करीब 17 प्रतिशत टूट चुके थे, जबकि वेलस्पन लिविंग में 6 प्रतिशत और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। मंगलवार की तेजी ने इन शेयरों को बड़ी राहत दी है।

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