Oil Sensitive Stocks: Indigo समेत ये स्टॉक्स बने रॉकेट, कच्चे तेल की नरमी ने भरा जोश

Oil Sensitive Stocks: कच्चे तेल के भाव आज तेजी से नीचे फिसल गए और लुढ़कते हुए यह प्रति बैरल $90 के नीचे आ गया। ऐसे में मार्केट में काफी रौनक छा गई और सेंसेक्स (Sensex)-निफ्टी 50 (Nifty 50) शुरुआती कारोबार में ही 1-1% से अधिक उछल पड़े। वहीं कच्चे तेल में नरमी के चलते इंडिगो (Indigo) समेत कई स्टॉक्स रॉकेट बन गए तो कुछ स्टॉक्स टूट गए। जानिए कच्चे तेल के भाव में गिरावट का किन स्टॉक्स पर असर पड़ा और क्यों

अपडेटेड Jun 12, 2026 पर 11:53 AM
Oil Sensitive Stocks: कच्चे तेल की फिसलन ने मार्केट में रौनक तो बिखेरी है लेकिन इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो कुछ के भाव उछल पड़े तो कुछ फिसल गए और यह कच्चे तेल के इस्तेमाल के हिसाब से हुआ।

Oil Sensitive Stocks: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीदों पर कच्चा तेल नरम पड़ा तो स्टॉक मार्केट में रौनक छा गई। इसके चलते कच्चे तेल के चलते जिनकी लागत पर असर पड़ता है, उन कंपनियों के स्टॉक्स उछल पड़े। एक तरफ दिग्गज एविएशन कंपनी इंडिगो (Indigo) के शेयर 3% से अधिक उछल पड़े तो तेल बेचने वाली सरकारी कंपनियों एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के शेयर 3-4% चढ़ गए। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) की बात करें तो शुरुआती कारोबार में ही ये 1-1% से अधिक उछल पड़े। सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 23450 के पार पहुंच गया।

क्यों फिसला कच्चा तेल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ इस वीकेंड तक शांति समझौता हो सकता है। जियोपॉलिटिकल टेंशन में नरमी से इसक बात की उम्मीद बढ़ी है कि एनर्जी सप्लाई सामान्य हो सकती है जिससे तेल के भाव में रिस्क प्रीमियम कम हो जाएगा। इस वजह से बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिसल गया और प्रति बैरल यह $90 के नीचे आ गया।


किन स्टॉक्स पर कैसे पड़ा कच्चे तेल की फिसलन का असर

कच्चे तेल की फिसलन ने मार्केट में रौनक तो बिखेरी है लेकिन इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो कुछ के भाव उछल पड़े तो कुछ फिसल गए और यह कच्चे तेल के इस्तेमाल के हिसाब से हुआ। एयरलाइन्स, OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनीज), टायर बनाने वाली कंपनियों और पेंट कंपनियों के शेयर चहक उठे क्योंकि कच्चे तेल की नरमी से इनके तेल और इनपुट कॉस्ट कम होंगे। वहीं दूसरी तरफ तेल निकालने वाली कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा क्योंकि तेल की सस्ते में बिक्री पर इनकी कमाई कम होगी।

इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन 3% उछलकर ₹4,644 पर पहुंच गया। एयरलाइंस का सबसे अधिक खर्च ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) पर होता है तो कच्चे तेल की नरमी से इसके प्रॉफिटिबिलिटी को सपोर्ट मिलता है।

तेल बेचने वाली सरकारी कंपनियों की बात करें तो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के शेयर 3-3% से अधिक तो इंडियन ऑयल (Indian Oil) के शेयर 2% से अधिक उछल पड़े। कच्चे तेल की नरमी से इनके मार्केटिंग मार्जिन में सुधार होता है और तेल की खुदरा कीमतों को लेकर दबाव कम होता है।

टायर स्टॉक्स भी कच्चे तेल की गिरावट पर चमक गए। अपोलो टायर्स और जेके टायर के शेयर करीब ढाई फीसदी उछल पड़े तो सीट (CEAT) भी डेढ़ फीसदी से अधिक ऊपर चढ़ गया। न्यूट्रल और सिंथेटिक रबर के भाव क्रूड डेरिवेटिव्स से जुड़े होते हैं और जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो इन्हें टायर बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिलता है।

कच्चे तेल की नरमी से पेंट शेयरों की भी चमक बढ़ी। एशियन पेंट्स डेढ़ फीसदी तो बर्जर पेंट्स करीब 1% चढ़ गया। पेंट बनाने वाली कंपनियों की लागत का एक बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल से जुड़ा है तो इसके भाव नीचे आने पर मार्जिन को सपोर्ट मिलता है।

कच्चे तेल की नरमी से कुछ स्टॉक्स पर दबाव भी बढ़ा। जैसे कि तेल निकालने वाली कंपनियों को कच्चा तेल कम भाव में बेचने पर कमाई कम होगी। इस कारण कच्चा तेल नरम पड़ा तो ऑयल इंडिया और ओएनजीसी का शेयर करीब डेढ़ फीसदी फिसल गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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