Delhivery Q1 Profit: डेल्हीवरी ने 8 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 65 फीसदी घटकर 31.9 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 91 करोड़ रुपये था। गुरुग्राम की कंपनी का मार्च तिमाही में 72.3 करोड़ रुपये प्रॉफिट था।
लेबर की कमी की वजह से प्रॉफिट घटा
Delhivery के प्रॉफिट में गिरावट की वजह लेबर की कमी रही। जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 2,930.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में रेवेन्यू 2,294 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,850 करोड़ रुपये था।
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से कॉस्ट बढ़ी
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को भेजे लेटर में लिखा है, "पहली तिमाही में स्थितियां चैलेंजिंग रहीं। लेबर की उपलब्धता कम रही। जियोपॉलिटिकल टेंशन और लेबर कोड्स से जुड़ी चुनौतियों की वजह से हमें नेटवर्क सर्विस क्वालिटी को मेंटेन करने के लिए काफी कदम उठाने पड़े।" मध्यपूर्व में टेंशन से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गईं, जिसका असर फ्यूल कॉस्ट पर पड़ा।
एक्सपेंसेज साल दर साल आधार पर 29 फीसदी बढ़ा
जून तिमाही में कंपनी का एक्सपेंसेज साल दर साल आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 3,011.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,326.6 करोड़ रुपये और मार्च तिमाही में 2,851.1 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा है कि लेबर से जुड़ी चुनौतियों के चलते लेवर कॉस्ट बढ़ गई। कंपनी ने प्रॉपरायटरी जीआईएस डेटा को नए रेवेन्यू में कनवर्ट करने के लिए Delhivery Maps लॉन्च किए।
यह भी पढ़ें: Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का डिविडेंड, 24 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर
इस साल 18 फीसदी चढ़ा है डेल्हीवरी का शेयर
Delhivery का शेयर 7 अगस्त को एनएसई में 1.90 फीसदी की तेजी के साथ 472.40 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ा है। डेल्हीवर का आईपीओ मई 2022 में आया था। यह आईपीओ 487 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने प्रति शेयर 487 रुपये के भाव पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। इसका मतलब है कि बीते चार सालों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।