Indo-MIM के शेयरों की 30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग जबरदस्त रही। BSE पर शेयर लगभग 45 प्रतिशत के शानदार प्रीमियम के साथ 703 रुपये पर और NSE पर 44 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 700 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल IPO प्राइस 485 रुपये था। Indo-MIM मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके प्रिसिजन इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाती है। कंपनी मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली जैसी सभी तरह की सर्विस देती है। MIM के अलावा कंपनी इनवेस्टमेंट कास्टिंग, सिरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग, प्रिसिजन मशीनिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल करती है।
कंपनी का 3,811.21 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 72.37 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 204.47 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 50.65 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 6.69 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 9.44 गुना भरा था।
Indo-MIM IPO में 499.10 करोड़ रुपये के 1.03 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही 3,311.21 करोड़ रुपये के 6.83 करोड़ शेयरों का OFS (Offer for Sale) रहा। Indo-MIM का मार्केट कैप 35100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
Indo-MIM अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को पूरी तरह से या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी का वित्त वर्ष 2026 में रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 4,320.70 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू 2,900.38 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 533.54 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 423.73 करोड़ रुपये था।
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