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IndusInd Bank में अब नई गड़बड़ी! माइक्रोफाइनेंस लोन में 7000 करोड़ की गड़बड़ी होने का शक

24 जून को IndusInd Bank के शेयरों में गिरावट दिखी। कारोबार के अंत में बैंक के शेयर 1.01 फीसदी गिरकर 831.45 रुपए पर बंद हुए हैं। पिछले छह महीनों में यह स्टॉक 11 फीसदी और बीते एक साल में 43 फीसदी गिरा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 25, 2025 पर 7:15 AM
IndusInd Bank में अब नई गड़बड़ी! माइक्रोफाइनेंस लोन में 7000 करोड़ की गड़बड़ी होने का शक
Indusind Bank के शेयरों में सबसे बड़ी हालिया गिरावट 11 मार्च को आई थी, जब स्टॉक गिरकर 655 रुपये पर चला गया था।

IndusInd Bank धीरे धीरे और मुश्किल में फंसता जा रहा है। ताजा मामला बैंक के माइक्रोफाइनेंस लोन पोर्टफोलियो से जुड़ा है। माना जा रहा है कि गलत तरीके से लोन बांटकर बैंक ने 6000 से 7000 करोड़ रुपए तक की गड़बड़ी की है। लोन बांटने के लिए इंडसइंड बैंक ने सभी नियम कानून को ताक पर रख दिया था। ये भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि इनमें से कुछ एग्रीकल्चर लोन भी हो सकते हैं जो असल में माइक्रोफाइनेंस लोन से जुड़े हैं।

मनीकंट्रोल ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों से बात की है। और उनका कहना है कि बैंक ने ये लोन उन कस्टमर्स को बांटा है जिनके पास पहले से इंडसइंड बैंक का लोन था। और जिन्होंने लोन चुकाया नहीं था। दरअसल बैंक इस तरह से अपने बैड लोन छिपाने की कोशिश कर रहा था। इस मामले की जांच से जुड़े एक बैंकर ने बताया कि यह मामला लोन रोलओवर का नहीं है लेकिन ऊपर से देखने पर बिल्कुल वैसा लगता है।

इस पूरे खेल को इस तरह समझ सकते हैं। मान लीजिए बैंक ने किसी को 25,000 रुपए का माइक्रोफाइनेंस लोन दिया। यह लोन 60 दिन या उससे लंबे समय तक बकाया रह जाता है। तो ऐसे में बैंक लोन लेने वाले व्यक्ति की पत्नी या पति को और बड़े अमाउंट का यानि मान लीजिए 50,000 का रुपए का नया लोन इश्यू कर देता है। फिर बैंक पुराने बकाया कर्ज को ओवरड्यू न दिखाकर, नए कर्ज देकर उसे एडजस्ट कर देता था। नए लोन को स्मॉल या एग्रीकल्चर लोन की कैटेगरी में दिखाया गया ताकि बैंक को नियमों में राहत मिल सके। दरअसल एग्रीकल्चर लोन में तुरंत किस्त नहीं चुकानी पड़ती है इसलिए बैंक को फायदा होता था।

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