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Infosys Share Buyback: ₹18000 करोड़ के ऑफर में नारायण मूर्ति, सुधा मूर्ति, नंदन नीलेकणि समेत प्रमोटर्स नहीं लेंगे हिस्सा

Infosys' Biggest Share Buyback: इंफोसिस के बोर्ड ने शेयर बायबैक को सितंबर 2025 में मंजूरी दी थी। कंपनी ने इसके पहले साल 2017, 2019, 2021 और 2022 में भी शेयरों का बायबैक किया था। इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Oct 23, 2025 पर 4:10 PM
Infosys Share Buyback: ₹18000 करोड़ के ऑफर में नारायण मूर्ति, सुधा मूर्ति, नंदन नीलेकणि समेत प्रमोटर्स नहीं लेंगे हिस्सा
नए अपडेट के बाद 23 अक्टूबर को Infosys के शेयरों पर नजर रहेगी।

IT कंपनी इंफोसिस (Infosys) सबसे बड़ा शेयर बायबैक करने वाली है। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स से 18000 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीदेगी। 22 अक्टूबर को कंपनी ने इस बायबैक को लेकर एक नया अपडेट जारी किया। इंफोसिस ने शेयर बाजारों को बताया है कि नंदन नीलेकणि, सुधा मूर्ति और अन्य समेत कंपनी के प्रमोटर शेयर बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे। इस नए अपडेट के बाद 23 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों में 5 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। कारोबार बंद होने पर शेयर BSE पर लगभग 4 प्रतिशत बढ़त के साथ 1528.85 रुपये पर सेटल हुआ।

इंफोसिस के मुताबिक, "चूंकि प्रमोटर्स और कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने बायबैक में हिस्सा नहीं लेने का इरादा जताया है, इसलिए उनके पास मौजूद इक्विटी शेयरों को एनटाइटलमेंट रेशियो की कंप्यूटिंग में शामिल नहीं किया गया है।" शेयर बायबैक प्रोग्राम में कंपनी ओपन मार्केट से अपने शेयर वापस खरीदती है। ऐसा करने से बाजार में शेयरों की संख्या घट जाती है, जिससे बचे हुए शेयरों की वैल्यू बढ़ सकती है और कंपनी की प्रति शेयर आय में सुधार होता है।

किस भाव पर होगा बायबैक

Infosys 1800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बायबैक करेगी। शेयरहोल्डर्स से 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 10,00,00,000 फुली पेड अप इक्विटी शेयर खरीदे जाएंगे। एनटाइटलमेंट रेशियो, रिकॉर्ड डेट की घोषणा आगे चलकर की जाएगी। कंपनी ने यह भी कहा है कि अमेरिकी नियमों के मुताबिक, बायबैक के लेटर ऑफ ऑफर का ड्राफ्ट वर्जन यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के पास भी जमा किया जा रहा है।

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