Interglobe Aviation share price : CEO पीटर एलबर्स के इस्तीफे के बाद इंडिगो का शेयर जोर से भागा है। आज ये शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। कंपनी के को-फाउंडर राहुल भाटिया अंतरिम CEO बने हैं। उधर जेफरीज और HSBC शेयर पर हुए बुलिश हैं। दोनों ने इस शेयर में खरीदारी की राय दी है। फिलहाल 11.30 बजे के आसपास इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) का शेयर 23.50 रुपए यानी 0.54 फीसदी की बढ़त के साथ 4402 रुपए के आसपास दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 4,512.90 रुपए और दिन का लो 4,366.00 रुपए है।
ब्रोकरेज ने बनाए रखी खरीदारी की सलाह
लीडरशिप में बदलाव के बाद HSBC और जेफरीज समेत कई ब्रोकरेज ने इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है। जिससे पता चलता है कि उन्हें एयरलाइन में किसी स्ट्रेटेजिक बदलाव की उम्मीद नहीं है।
HSBC ने इंडिगो के स्टॉक को 5,860 रुपए प्रति शेयर के टारगेट प्राइस पर खरीदने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्बर्स ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा है। दिसंबर में कंपनी के कामकाज पर असर डालने वाली घटनाओं ने लीडरशिप में बदलाव में भूमिका निभाई होगी। ब्रोकरेज ने कहा कि इस बदलाव से कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा बदलने की संभावना नहीं है। HSBC को उम्मीद है कि एयरलाइन ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने पर फोकस करती रहेगी।
जेफरीज ने भी 6,140 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने बताया कि एल्बर्स ने इंडिगो के इंटरनेशनल ऑपरेशन को बढ़ाने और वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट प्लान शुरू करने में अहम भूमिका निभाई थी।
इंडिगो: कैसे देखें CEO इस्तीफे की खबर को
सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि इंडिगो के CEO ने इस्तीफा दिया और कल ही उन्हें रिलीव कर दिया गया। राहुल भाटिया अब अंतरिम CEO होंगे और नए CEO का शायद जल्द ऐलान हो सकता है। एक बात साफ है, ये शायद सरकार के दबाव में किया गया है। इंडिगो पर हमने अपना पॉजिटिव नजरिया 5800 रुपए पर खत्म किया था। लगातार इंडिगो में शॉर्ट रहने की भी बात रही है। कल भी हमारी इंडिगो की रिकवरी में ना फंसने की सलाह थी।
इंडिगो की स्ट्रक्चरल स्टोरी पर बड़ी चोट पड़ चुकी है। पहली ये कि इंडिगो वो कर रही है जो शायद सरकार ने कहा। दूसरी ये कि सरकारी दखल कंपनी के लिए कभी भी अच्छी खबर नहीं हो सकती। हां, आज अगर बहुत बड़ा गैपडाउन हो तो बेचने से बचें। हाई रिस्क निवेशक चाहें तो यहां से SIP भी कर सकते हैं। फिलहाल के लिए इंडिगो एक ट्रेडिंग स्टॉक बन के रह जाएगा। जो एकतरफा रैली थी, उस पर बड़ा ब्रेक लग चुका है।
पहले भी बदली है इंडिगो की कमान
इंडिगो में पहले भी बड़े बदलाव हुए हैं। फाउंडर मैनेजमेंट से प्रोफेशनल ग्लोबल लीडरशिप का ट्रांजीशन हुआ है। अप्रैल 2018 में आदित्य घोष ने कंपनी छोड़ी। अप्रैल 2018-जनवरी 2019 राहुल भाटिया ने इंटरिम CEO के रूप में चार्ज संभाला। जनवरी 2019-सितंबर 2022 तक रोनोजॉय दत्ता ने CEO का पद संभाला। कोविड महामारी में कंपनी को संभालने के बाद रोनोजॉय दत्ता ने रिटायरमेंट लिया। सितंबर 2022–मार्च 2026 तक पीटर एलबर्स के हाथों में कमान रही।
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