Get App

Rikhav Securities IPO Listing: ब्रोकरेज फर्म ने किया मालामाल,₹86 का शेयर ₹163.40 पर लिस्ट, एंट्री करते ही अपर सर्किट

Rikhav Securities IPO Listing: रिखव सिक्योरिटीज एक फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी है जो ब्रोकरेज, इंवेस्टिंग और बैंकिंग सर्विसेज मुहैया कराती है। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 22, 2025 पर 4:37 PM
Rikhav Securities IPO Listing: ब्रोकरेज फर्म ने किया मालामाल,₹86 का शेयर ₹163.40 पर लिस्ट, एंट्री करते ही अपर सर्किट
Rikhav Securities IPO Listing: रिखव सिक्योरियटीज का ₹71.62 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15-17 जनवरी तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Rikhav Securities IPO Listing: ब्रोकरेज फर्म रिखव सिक्योरिटीज के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 307 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 86 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी 163.40 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Rikhav Securities Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 171.57 रुपये (Rikhav Securities Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया। दिन के आखिरी में यह 171.55 पर बंद हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल हो चुका है।

Rikhav Securities IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

रिखव सिक्योरियटीज का ₹71.62 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15-17 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 307 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 170.92 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 616.42 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 251.36 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 71.62 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 20 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं।

ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के साथ-साथ आईटी सॉफ्टवेयर, कंप्यूटर्स और लैपटॉप की खरीदारी में होगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें