एक इंडेक्स जिसे अक्सर शेयर बाजार में भय की मात्रा के मपाक के रूप में देखा जाता है, इस सप्ताह के शुरू में अपने पिछल 14 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। ये इस बात का संकेत है कि निवेशकों के बीच इस बात का भरोसा बढ़ा है कि आने वाले महीनों में बाजार में उनके निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलेगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का फीयर इंडेक्स इंडिया विक्स (India VIX) 4 नवंबर को 12.55 अंकों के अपने 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। NSE पर उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि ये सितंबर 2021 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। बता दें कि इस इंडेक्स की गणना निफ्टी 50 इंडेक्स के ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए की जाती है। एनएसई के मुताबिक India VIX इंडेक्स अगले 30 कैलेंडर दिनों में बाजार में अनुमानित उतार-चढ़ाव को मापता है।
India VIX अपने 86.63 के रिकॉर्ड हाई से 83 फीसदी नीचे
वोलैटिलिटी इंडेक्स 24 मार्च 2020 के अपने 86.63 के रिकॉर्ड हाई से 83 फीसदी नीचे आ गया है। 86.63 अंको का ये रिकॉर्ड हाई ग्लोबल मार्केट में कोविड-19 की वजह से आई गिरावट के बॉटम के समय से भी जुड़ा हुआ है। इंडिया VIX इंडेक्स इस साल 22 फीसदी गिरने के बाद 12 फीसदी नीचे है। हाल के दिनों में इंडिया VIX 15 के स्तर के नीचे जाता दिखा है। 2021 में ये इंडेक्स जून महीने में 15 के नीचे जाता दिखा था। लेकिन अक्टूबर से इसमें बढ़त देखने को मिली थी।
अक्टूबर और जून 2022 के बीच, बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्सेज में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और लगभग बियर मार्केट में एंटर करने का डर पैदा हो गया। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स तो अपने रिकॉर्ड ऊंचाई से 25 फीसदी से ज्यादा गिर गए।
निवेशकों में भारत को लेकर भरोसा कायम
भारत स्थित एक हेज फंड मैनेजर ने कहा, "निवेशकों में इस बात को लेकर आत्मसंतुष्टि जैसी स्थिति नजर आ रही है कि आगे चलकर इस बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी।"
इसी तरह, पूरे फरवरी 2020 में वोलैटिलिटी इंडेक्स 15 से नीचे ट्रेड कर रहा था। उस समय बाजार ये मानकर चल रहा था कि कोविड -19 संक्रमण से होने वाला नुकसान काफी हद तक चीन तक ही सीमित रहेगा। लेकिन मार्च 2020 में जैसे ही दुनिया को दूसरे हिस्सों में कोविड-19 का फैलाव होना शुरू हुआ वैसे ही भारत में घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स फरवरी 2020 के अपने रिकॉर्ड हाई से 30 फीसदी टूट गए।
भारत से तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
अब भारत 2023 में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि आगे भारत की इकोनॉमी और बाजार दोनों में दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में बेहतर ग्रोथ देखने को मिलेगी। भारत का बाजार चीन, अमेरिका और यूरोप के बाजारों के तुलना में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करेगा। Fidelity International हाल में जारी अपने नोट में कहा है कि "हम जापान को छोड़कर एशिया प्रशांत ओर इसमें भी एशियन मार्केट और भारत को लेकर ज्यादा बुलिश हैं।"
भारतीय बाजार के वैल्यूशन महंगे
अधिकांश जानकारों का कहना है कि आगे भारत का प्रदर्शन अपने ग्लोबल पीर्यस की तुलना में बेहतर रहेगा। लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बाजार के वैल्यूशन महंगे दिख रहे हैं। इसके साथ ही अर्निंग ग्रोथ में भी सुस्ती आने के संकेत हैं। ये बाजार के लिए चिंता की बात है।
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