वीकली आधार पर बाजार लगातार तीसरे हफ्ते गिरा है। बीते 3 महीने पहली बार वीकली आधार पर बाजार लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट देखने को मिली। ऐसे में बाजार के आगे के आउटलुक और आईसीआईसीआई प्रू रूरल ऑप्ट्स फंड (ICICI Pru Rural Opts) की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए ICICI Pru AMC की फंड मैनेजर प्रियंका खंडेलवाल (Priyanka Khandelwal) ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। मार्केट में प्राइस और टाइम करेक्शन हुआ। अर्निंग्स में काफी वोलैटिलिटी नजर आ रही है। उन्होंने आगे कहा कि लार्जकैप के वैल्युएशन सही है। स्मॉल-मिडकैप के वैल्युएशन अभी भी काफी मंहगे है। स्मॉल-मिडकैप में मार्जिन, सेफ्टी काफी कम है। सेलेक्टिव स्मॉल-मिडकैप में एक्सपोजर की सलाह होगी। फ्लेक्सीकैप स्कीम में एकमुश्त निवेश की सलाह होगी।
उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन सही रखें। लार्ज, मिड, स्मॉलकैप का रेश्यो सही रखें। हाइब्रिड, एसेट एलोकेटर स्कीम में रिस्क कम है। भारतीय बाजार के निवेशक चिंता ना करें। बाजार में लंबी अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है । हालांकि शॉर्ट टर्म में थोड़ा कंसर्न जरुर बना हुआ है।
बाजार के रिस्क फैक्टर्स पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जियो पॉलिटिकल इश्यू को लेकर कंसर्न, अमेरिकी सरकार की पॉलिसी और गवर्नमेंट स्पेंडिंग पर नजर रखना होगा।
किन सेक्टर में बनेगा पैसा
प्रियंका खंडेलवाल ने कहा कि रिटेल सेक्टर काफी एक्सपेंसिव हो गया है। - कैपिटल गुड्स सेक्टर काफी महंगा है। वहीं बैंकिंग सेक्टर काफी किफायती है। प्राइवेट बैंक में काफी संभावनाएं बनी हुई है। जबकि FMCG सेक्टर काफी सस्ते हुए है। FMCG सेक्टर में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। सीमेंट सेक्टर में बेहतरीन मौके नजर आ रहे है।
बजट से क्या उम्मीदें है? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस बार के बजट से काफी उम्मीदें है। हमारी सरकार से उम्मीद है कि कंजम्पशन को सपोर्ट करें। गवर्नमेंट स्पेंडिंग पर भी हमारी नजर बनी हुई है। सरकार की रूरल एरिया को लेकर स्पेंडिंग क्या करती है यह भी देखना होगा। रूरल थीम को लेकर बजट से उम्मीदें है।
आईसीआईसीआई प्रू रूरल ऑप्ट्स फंड पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी इकोनॉमी में रूरल इकोनॉमी 46% है। पिछले 10 सालों में रूरल इनकम ग्रोथ काफी कमजोर रहा । इस फंड के जरिए ग्रामीण विकास से जुड़ी संभावनाओं पर फोकस है। ग्रामीण विकास के लिए सरकार की कई योजनाएं है। आगे 10 साल में रूरल एरिया की तस्वीर बदलेगी। आगे ग्रामीण विकास से GDP को बूस्ट मिलेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की संभावनाएं है।
फंड Nifty Rural Index TRI बेंचमार्क है। ये एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। रूरल कंजम्पशन-डेवलपमेंट का कॉम्बिनेशन है। ग्रामीणों की जीवनशैली में काफी बदलाव आया है। इलेक्ट्रिसिटी अवेलेबिलिटी पहले से बेहतर हुई है। रोड कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर काफी काम हुआ। पानी की सप्लाई पहले से काफी बेहतर हुआ। ग्रामीण भारत की ग्रोथ पर सरकार का फोकस है। टेलीकॉम कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हुई है। रूरल कंजम्पशन पर काफी फोकस रहा। प्रति व्यक्ति आय में काफी बढ़ोतरी हुई। थीम को विकास के उभरते अवसरों का फायदा मिलेगा।
सेक्टर स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए प्रियंका खंडेलवाल ने कहा FMCG सेक्टर में अपार मौके है। ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, कंस्ट्रक्शन मटेरियल सेक्टर , कई स्ट्रक्चर थीम और एग्रो केमिकल सेक्टर पर फोकस है। सीमेंट सेक्टर में बेहतरीन मौके नजर आ रहे है। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज में निवेश के मौके नजर आ रहे है। कनेक्टिविटी सेक्टर में संभावनाएं है। पावर सेक्टर में बेहतरीन मौके है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर फोकस रखें। टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर पर नजर है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।