आईपीओ (IPO) निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने आईपीओ की लिस्टिंग में लगने वाले समय को घटाकर आधा कर दिया है। सेबी ने बुधवार 28 जून को जारी एक बयान में कहा कि वह IPO की बोली बंद होने के बाद उसकी लिस्टिंग समयसीमा को 'T+6 दिन' से घटाकर 'T+3 दिन' कर रही है। यहां 'T' आईपीओ की बोली बंद होने की तारीख को दिखा रहा है।
SEBI ने कहा, "T+3 दिन की नई समयसीमा को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले, 1 सिंतबर 2022 को या उसके बाद खुलने वाले सभी IPO के लिए इस समयसीमा का पालन करना स्वैच्छिक होगा। वहीं 1 दिसंबर 2022 से इसे सबी आईपीओ के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा।"
मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि कंपनियों के के पास IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी तक तेजी से पहुंचे। इससे व्यापार करने में आसानी होगी और निवेशकों को अपने निवेश के लिए जल्द क्रेडिट और लिक्विडिटी का अवसर मिलेगा।
SEBI ने यह फैसला विभिन्न हितधारकों के साथ गहन चर्चा और व्यापक टेस्टिंग के बाद लिया है। इन हितधारकों में स्टॉक एक्सचेंज, स्पॉन्सर बैंक, NPCI, डिपॉजिटरी और रजिस्ट्रार आदि शामिल हैं।
अभी के नियमों के मुताबिक, रजिस्ट्रार बोली खत्म होने के बाद 3 दिन बाद शेयरों का अलॉटमेंट करते हैं और उसे संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों के पास मंजूरी के लिए सौंपते हैं। SEBI की नई समयसीमा के तहत, उन्हें अब यह बोली खत्म होने के अगले दिन शाम 6 बजे से पहले करना होगा।
मौजूदा नियम के तहत कंपनियां बोली खत्म होने के 5वें दिन स्टॉक एक्सचेंजों के पास शेयर में ट्रेडिंग की मंजूरी के लिए लिस्टिंग एप्लिकेशन देती है। हालांकि प्रस्तावित नियम के तहत अब उन्हें यह बोली खत्म के दूसरे दिन शाम 6:30 बजे तक करना होगा।
SEBI ने साल 2018 में रिटेल निवेशकों के लिए ब्लॉक्ड अमाउंट को सपोर्ट करने वाले एप्लिकेशन के साथ यूपीआई (UPI) को एक अतिरिक्त पेमेंट भुगतान के तरीके के रूप में शामिल किया था। साथ ही उसने बोली बंद होने के बाद 6 दिन में लिस्टिंग की समयसीमा के प्रस्ताव को लागू किया था।
इससे पहले, लिस्टिंग की समयसीमा 22 दिन थी, जिसे घटाकर 12 दिन कर दिया गया था।