बाजार में बड़े IPO आने का इंतजार कर रहा है। इनमें से एक IPO स्विगी का भी है। स्विगी का DHRP बाहर आने के बाद स्विगी VS जोमैटो की बात शुरू हो गई है। क्या है दोनों के बीच पिक्चर ये समझाते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के सहयोगी मंगलम मालू ने बताया कि स्विगी ने आईपीओ के लिए सेबी के पास IPO अर्जी दी है और इस आईपीओ का DRHP पब्लिक कर दिया है।
स्विगी की जोमैटो से तुलना करें तो स्विगी का फूड डिलिवरी कारोबार टर्नअराउंड स्टेज में है। स्विगी का Instamart जोमैटो के BlinkIt से कम है। जोमैटो के ऑपरेटिंग आंकड़े स्विगी से ज्यादा हैं। वित्त वर्ष 2024 की दोनो कंपनियों की वित्तीय सेहत की तुलना करें तो इस अवधि में स्विगी का आय 11,247.3 करोड़ रुपए रही है। वहीं, जोमैटो की आय 12,114 करोड़ रुपए रही है। इस अवधि में स्विगी का एबिटडा घाटा 2,208 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, जोमैटो का एबिटडा 42 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2024 में स्विगी के मार्जिन आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं जबकि जोमैटो का मार्जिन 0.3 फीसदी रहा है। वित्त वर्ष 2024 में स्विगी को 2,350.2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। वहीं, इस अवधि में जोमैटो को 351 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। स्विगी के पास 5,446 करोड़ रुपए कैश थे। जबकि जोमैटो के पास 12,241 करोड़ रुपए नकदी है।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही की स्विगी VS जोमैटो फाइनेंशियल सेहत पर नजर डालें तो इस अवधि में स्विगी का आय 3,222.2 करोड़ रुपए रही। जबकि जोमैटो की आय 4,206 करोड़ रुपए रही। इस अवधि में स्विगी को 544.2 करोड़ रुपए का एबिटडा घाटा हुआ। जबकि जोमैटो का एबिटडा 177 करोड़ रुपए रहा। स्विगी के मार्जिन आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं जबकि जोमैटो का मार्जिन 0.3 फीसदी रहा है। वित्त वर्ष 2025 की पहली में स्विगी को 611 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। वहीं, इस अवधि में जोमैटो को 253 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। स्विगी के पास 2,038.19 करोड़ रुपए कैश थे। जबकि जोमैटो के पास 12,539 करोड़ रुपए नकदी थी।
वित्त वर्ष 2024 में दोनों कंपनियों के फूड डिलिवरी कारोबार की तुलना करें तो इस अवधि में स्विगी की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 24,717.4 करोड़ रुपए रही। इसी अवधि में जोमैटो की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 32,223 करोड़ रुपए रही। इस अवधि में स्विगी Adj EBITDA -47.1 करोड़ रुपए रहा। वहीं, जोमैटो का एबिटडा 912 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2024 में स्विगी के मंथली ट्रांजैक्शन यूजर 1.27 करोड़ रहे। वहीं, जोमैटो के मंथली ट्रांजैक्शन यूजर 1.9 करोड़ रहे। इस अवधि में स्विगी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 5.72 फीसदी रहा। वहीं, जोमैटो का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 6.90 फीसदी रहा।
वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में दोनों कंपनियों के फूड डिलिवरी कारोबार की तुलना करें तो इस अवधि में स्विगी की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 6,808.3 करोड़ रुपए रही। इसी अवधि में जोमैटो की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 9,264 करोड़ रुपए रही। इस अवधि में स्विगी Adj EBITDA 57.8 करोड़ रुपए रहा। वहीं, जोमैटो का एबिटडा 313 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में स्विगी के मंथली ट्रांजैक्शन यूजर 1.40 करोड़ रहे। वहीं, जोमैटो के मंथली ट्रांजैक्शन यूजर 2.03 करोड़ रहे। इस अवधि में स्विगी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 6.40 फीसदी रहा। वहीं, जोमैटो का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 7.30 फीसदी रहा।
स्विगी VS जोमैटो : क्विक कॉमर्स कारोबार
दोनों कंपनियों के क्विक कॉमर्स कारोबार की तुलना करें तो वित्त वर्ष 2024 में स्विगी के Instamart का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 8,068.5 करोड़ रुपए था। वहीं, जोमैटो के Blinkit का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 12,469 करोड़ रुपए था। इस अवधि में स्विगी के एक्टिव डार्क स्टोर्स 523 थे। जबकि जोमैटो के लिए ये आंकड़ा 526 पर था। इस अवधि में स्विगी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन -6.01 फीसदी था। वहीं, जोमैटो का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 2.13 फीसदी था।
वित्त वर्ष 2025 के पहली तिमाही के दोनों कंपनियों के क्विक कॉमर्स कारोबार की तुलना करें तो इस अवधि स्विगी के Instamart का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 2,724 करोड़ रुपए था। वहीं, जोमैटो के Blinkit का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 4,923 करोड़ रुपए था। इस अवधि में स्विगी के एक्टिव डार्क स्टोर्स 557 थे। जबकि जोमैटो के लिए ये आंकड़ा 639 पर था। इस अवधि में स्विगी का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन -3.18 फीसदी था। वहीं, जोमैटो का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन 4 फीसदी था।
स्विगी IPO: रकम का इस्तेमाल
स्विगी IPO के जरिए जुटाई गई रकम में से 137.4 करोड़ रुपए का इस्तेमाल Scootsy कर्ज रीपेमेंट में, 982.4 करोड़ रुपए का इस्तेमाल Instamart डार्क स्टोर्स में, 929.5 करोड़ रुपए का इस्तेमाल ब्रान्ड मार्केटिंग/ प्रोमोशन में और 586 करोड़ रुपए का इस्तेमाल टेक और क्लाउड इंफ्रा के विकास में करेगी। यहां दी गई सारी जानकारी Swiggy DRHP पर आधारित है।