Iran War Impact: ईरान युद्ध का इस सेक्टर पर पड़ा सबसे बुरा असर, आई 5 साल की सबसे बड़ी गिरावट

ईरान युद्ध का सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों यानी PSU बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स आज 27 मार्च को कारोबार के दौरान 3% तक गिर गया। इसमें शामिल सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे यह उस दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। कई बैकिंग शेयर आज कारोबार के दौरान 3% से लेकर 4.5% तक टूट गए

अपडेटेड Mar 27, 2026 पर 2:58 PM
Story continues below Advertisement
PSU बैंकों के शेयरों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल है

Iran War Impact: ईरान युद्ध का सबसे ज्यादा असर सरकारी बैंकों यानी PSU बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स आज 27 मार्च को कारोबार के दौरान 3% तक गिर गया। इसमें शामिल सभी शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे यह उस दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक जैसे शेयर आज कारोबार के दौरान 3% से लेकर 4.5% तक टूट गए।

मार्च महीने के दौरान PSU बैंक इंडेक्स में लगातार कमजोरी बनी हुई है। पिछले 14 कारोबारी दिन में से 7 दिन यह इंडेक्स गिरा है। इसके साथ ही अब यह पिछले करीब साढ़े पांच सालों यानी सितंबर 2020 के बाद की सबसे बड़ी मंथली गिरावट की ओर बढ़ रहा है।

बॉन्ड यील्ड में तेजी बनी बड़ी वजह

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल है। भारत की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 7% के करीब पहुंच गई है, जो निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन गई है। दरअसल, पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। तेल की कीमतों में इस तेजी से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है, जिससे बॉन्ड यील्ड ऊपर जा रही है।


PSU बैंकों पर क्यों पड़ता है ज्यादा असर

PSU बैंकों के पास बड़ी मात्रा में सरकारी बॉन्ड होते हैं। इन बॉन्ड्स का एक हिस्सा ‘होल्ड-टू-मैच्योरिटी’ (HTM) में होता है, जबकि एक बड़ा हिस्सा ‘एवेलेबल-फॉर-सेल’ (AFS) कैटेगरी में रखा जाता है।

जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो बॉन्ड की कीमतें गिरती हैं। इसका सीधा असर AFS पोर्टफोलियो पर पड़ता है, जहां बैंकों को मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान उठाना पड़ता है। इससे उनकी ट्रेजरी आय और कुल मुनाफे पर दबाव आता है।

मुनाफे और बैलेंस शीट पर खतरा

ब्रोकरेज फर्म IIFL कैपिटल के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी बैंकों की बैलेंस शीट को प्रभावित कर सकती है। ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक, शॉर्ट टर्म यील्ड में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी से बैंक के मुनाफे पर 0.1% से 0.7% तक असर पड़ सकता है। वहीं, मीडियम टर्म यील्ड में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी से नेट वर्थ में 0.3% से 0.6% तक की गिरावट संभव है।

इसके अलावा, अगर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 10 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आती है तो मुनाफा 6-8% तक घट सकता है। वहीं, क्रेडिट कॉस्ट में इतनी ही बढ़ोतरी से मुनाफे में 5-6% तक कमी आ सकती है।

कुछ मुख्य PSU बैंकों का रिटर्न 

1 महीना 1 साल
निफ्टी 50 -8.59% -0.77%
निफ्टी  पीएसयू  बैंक -13.15% +39.69%
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) -12.15% +39.08%
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) -15.51% +18.72%
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) -15.83% +23.94%
केनरा बैंक -14.02% +56.58%
यूनियन बैंक -10.54% +49.99%

तकनीकी रूप से भी कमजोर हुआ सेक्टर

लगातार बिकवाली के चलते PSU बैंक इंडेक्स अब टेक्निकल चार्ट पर भी करेक्शन जोन में प्रवेश कर चुका है। यह अपने 26 फरवरी 2026 को बनाए 9,918 के उच्च स्तर से करीब 16.5% नीचे आ चुका है। यह गिरावट संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल इस सेक्टर से कमजोर पड़ा है और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

वैल्यूएशन अब भी ऊंचे

दिलचस्प बात यह है कि इतनी गिरावट के बावजूद PSU बैंक शेयर अभी भी अपने ऐतिहासिक औसत से महंगे बने हुए हैं। इंडेक्स फिलहाल करीब 1.4 गुना प्राइस-टू-बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 5 साल का औसत 0.94 गुना है।

यह भी पढ़ें- Stock Markets के लिए ब्लैक फ्राइडे, सेंसेक्स 1600 अंक फिसला, निफ्टी 23000 के नीचे; इन 7 कारणों से गिरावट

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।