स्टॉक मार्केट्स (Stock Markets) की गिरावट ने इनवेस्टर्स को डरा दिया है। सोमवार को बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स (Sensex) 1491 अंक यानी 2.74 फीसदी गिरकर 52,843 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी (Nifty) भी 382 प्वाइंट्स लुढ़कने के बाद 15,863 पर बंद हुआ। दरअसल, यूक्रेन पर रूस के हमलों ने बाजार की हवा निकाल दी है। आज हमले का 12वां दिन है। इस बीच रूस के रुख में नरमी का कोई संकेत नहीं है।
दो हफ्ते में 4500 अंक गिरा सेंसेक्स
रूस ने 24 फरवरी की सुबह (भारतीय समय के अनुसार) यूक्रेन पर हमला कर दिया था। 24 फरवरी से अब तक सेंसेक्स (Sensex) करीब 4500 अंक गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी (Nifty) 1200 अंक लुढ़का है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को 2008 की याद दिला दी है। साल 2008 में 21 जनवरी को इंडियन स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट आई थी। इस दिन सेंसेक्स 1408 अंक गिरकर 17,065 अंक पर बंद हुआ था। फीसदी में यह गिरावट आज की गिरावट आज के मुकाबले चार गुना ज्यादा थी। उस दिन भी सोमवार था।
2008 में भी बाजार में लगातार आई थी गिरावट
22 जनवरी, 2008 को फिर सेंसेक्स 875 अंक गिर गया था। 11 फरवरी को फिर बाजार में बड़ी गिरावट आई। उस दिन सेंसेक्स 834 अंक गिरकर 16,630 अंक पर बंद हुआ था। फिर पूरे साल स्टॉक मार्केट में गिरावट जारी रही। इस गिरावट का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि करीब एक साल में सेंसेक्स आधा रह गया था। 22 फरवरी, 2008 को सेंसेक्स 17,349 अंक पर था। 20 फरवरी, 2009 को यह 8,849 पर बंद हुआ था।
एक साल में बाजार में शानदार रिकवरी
उसके बाद के एक साल में स्टॉक मार्केट में शानदार तेजी आई। 26 फरवरी, 2010 को सेंसेक्स फिर से 16,429 अंक पर पहुंच गया था। हम आपको यह बताना चाहते हैं कि हर गिरावट के बाद बाजार संभलने में कामयाब रहा। इसलिए इनवेस्टर्स को 2008 में इंडियन मार्केट में बने हालात के बारे में जान लेना जरूरी है। दरअसल, कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद से स्टॉक मार्केट में बड़ी संख्या में नए इनवेस्टर्स ने एंट्री ली है। उन्हें मार्केट में 2008 के बाद आई गिरावट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
धैर्य रखने वाले निवेशक हो गए करोड़पति
हम आपको बताना चाहते हैं कि 2008 के बाद आई गिरावट के दौरान जिन इनवेस्टर्स ने अपना धैर्य बनाए रखा, वे आज करोड़पति बन गए हैं। उस गिरावट का फायदा उठा नए निवेश करने वाले इनवेस्टर्स ने भी खूब मुनाफा कमाया है। 2009 से 2022 के 13 साल में ऐसी तमाम कंपनियां है, जिन्होंने इनवेस्टर्स को 30 से 40 गुना तक रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि तब अगर आपने करीब 3 लाख रुपये लगाए होते तो आज एक करोड़ रुपये के मालिक होते।
उदाहरण के लिए टीसीएस (TCS) के शेयर का भाव इस दौरान 30 गुना से ज्यादा हो गया है। पिछले 13 साल में मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) के शेयर का भाव 10 गुना हो गया है। माइंडट्री (Mindtree) के शेयर का भाव इस दौरान 75 गुना हो गया है। बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) के शेयर का भाव 1000 गुना हो गया है।
इन शेयरों की कीमतें यह बताती है कि जिन इनवेस्टर्स ने बाजार में अपना इनवेस्टमेंट बनाए रखा, आज वे बड़ी दौलत के मालिक हैं। इसलिए आपको भी स्टॉक मार्केट में आ रही गिरावट से परेशान नहीं होना चाहिए। अगर आपने अच्छी कंपनियों में निवेश किया है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। रूस-यूक्रेन की लड़ाई खत्म होने पर बाजार में फिर से रौनक लौटेगी। तब आज गिरने वाले शेयर न सिर्फ इस गिरावट की भरपाई कर लेंगे बल्कि वे नई ऊंचाई को छुएंगे। अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा है, जिसकी जरूरत आपको 2-3 साल के लिए नहीं है तो आप गिरावट के इस मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए कर सकते हैं।