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आईटी कंपनियां अब मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार, कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में भी दिखेगी तेजी

राघवेंद्र नाथ ने अपने क्लायंट्स को आईटी सेक्टर से निवेश की शुरुआत करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि आईटी कंपनियां अब मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है। आईटी स्टॉक वर्तमान में काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं। ग्लोबल इकोनॉमी और मार्केट पर बात करते हुए राघवेंद्र नाथ ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी में वर्तमान में महंगाई ने विकास को पीछे छोड़ दिया है। महंगाई सारा खेल बिगाड़ सकती है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 02, 2023 पर 10:44 AM
आईटी कंपनियां अब मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार, कैपिटल गुड्स और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में भी दिखेगी तेजी
देश में एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो इंश्योरेंस सेवाओं अभी तक वंचित है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनियों के लिए कारोबार विस्तार के व्यापक मौके हैं

आगे कैपिटल गुड्स, फाइनेंशियल और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी इंडस्ट्रीज में एफआईआई की तरफ से जोरदार निवेश आता दिख सकता है। उम्मीद है कि आगे आने वाले महीनों में एफआईआई भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी जारी रखेंगे। अप्रैल में भारत एफआईआई के लिए टॉप इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में से एक बनकर उभरा है। ग्लोबल स्थिति में स्थिरता और अमेरिका और यूरोप में हालिया बैंकिंग संकट से जुड़ी चिंता कम होने के साथ ही भारतीय इक्विटी मार्केट में एफआईआई की रुचि बढ़ी है। ये बातें लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट के एमडी, राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल के साथ एक बातचीत में कही हैं।

आईटी सेक्टर में निवेश की करें शुरुआत

म्युचुअल फंड, ब्रोकिंग,कैपिटल और इक्विटी मार्केट का 27 से सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले राघवेंद्र नाथ ने अपने क्लायंट्स को आईटी सेक्टर से निवेश की शुरुआत करने की सलाह दी है। राघवेंद्र नाथ का मानना है कि आईटी कंपनियां अब मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है। आईटी स्टॉक वर्तमान में काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं।

ग्लोबल इकोनॉमी और मार्केट पर बात करते हुए राघवेंद्र नाथ ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी में वर्तमान में महंगाई ने विकास को पीछे छोड़ दिया है। महंगाई सारा खेल बिगाड़ सकती है। बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़त बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना सकता है। ब्याज दर में बढ़त पहले से ही महंगाई के दबाव से जूझ रही अर्थव्यवस्थाओं में मांग पर दबाव बना सकती है। महंगाई के अलावा सप्लाई से जुड़ी दिक्कत और जियो पोलिटिकल तनाव इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर सकते हैं।

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