IT Shares Price: आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट ने बढ़ाया बाजार पर दबाव, कोफोर्ज का स्टॉक 6% तक क्रैश

IT Shares Prices Crash: कोफोर्ज के शेयरों में बड़ी गिरावट की वजह चेयरमैन ओमप्रकाश भट्ट का इस्तीफा है। लेकिन, टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो के शेयरों में भी गिरावट दिखी। निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी शेयर लाल निशान में चल रहे थे

अपडेटेड Sep 09, 2026 पर 12:36 PM
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Nifty IT Index बीते एक महीने में करीब 8.34 फीसदी गिरा है।

आईटी शेयरों में 9 सितंबर को आई बड़ी गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। आईटी शेयरों में लगातार छठे सत्र गिरावट आई। सबसे ज्यादा कोफोर्ज का शेयर गिरा। एक समय यह 6 फीसदी गिर गया था। बाद में गिरावट थोड़ी सुस्त पड़ी। 12 बजे यह शेयर 4.10 फीसदी गिरकर 1,870 रुपये पर चल रहा था। इंफोसिस, टीसीएस सहित निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी शेयरों में गिरावट दिखी।

कोफोर्ज के शेयर पर चेयरमैन के इस्तीफे का असर

कोफोर्ज के शेयरों में बड़ी गिरावट की वजह चेयरमैन ओमप्रकाश भट्ट का इस्तीफा है। कंपनी के इनटर्नल ऑडिट में बोर्ड के इवैल्यूएशन प्रोसेस पर चिंता जताई गई थी। इसके बाद भट्ट ने इस्तीफ दे दिया। यह भी पाया गया था कि भट्ट के खुद के प्रदर्शन के बारे में भी बोर्ड को पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। भट्ट State Bank of India के चेयरमैन रह चुके हैं। उन्हें 2024 में कोफोर्ज का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल अगले साल अप्रैल में खत्म हो रहा था।


दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव

9 सितंबर को 12 बजे Nifty IT Index 3.10 फीसदी तक गिर गया था। इस गिरावट में कोफोर्ज के अलावा इंफोसिस, एम्फैसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, ऑरेकल फाइनेंशियल, टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयरों का हाथ था। निफ्टी आईटी इंडेक्स के सभी शेयरों की कीमतें लाल निशान में चल रही थीं।

इन वजहों से आईटी सेक्टर की बढ़ी मुश्किल

बोनांजा में रिसर्च एनालिस्ट नितांत डारेकर ने कहा, "आज आईटी शेयरों में गिरावट किसी एक स्टॉक की वजह से नहीं है। आईटी सेक्टर को लेकर चिंता बढ़ी है। सभी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ी है। लेकिन, असल मुश्किल 9-11 वीजा फीस ने बढ़ाई है, जो आज से लागू हो गया है।"

अमेरिका में वीजा फीस बढ़ने से मार्जिन पर पड़ेगा दबाव

उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा के एक्सटेंशन पर 4,000 डॉलर चुकाने होंगे, जबकि एल-1 पर 4,500 डॉलर चुकाने होंगे। इससे अमेरिका में ऑपरेशंस वाली भारतीय आईटी कंपनियों का खर्च बढ़ जाएगा। एनालिस्ट्स का मानना है कि इसका असर उनके मार्जिन पर पड़ेगा। पहले से ही आईटी सेक्टर में मार्जिन करीब 24 फीसदी नीचे है।

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एक महीने में 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है Nifty IT Index

Nifty IT Index बीते एक महीने में करीब 8.34 फीसदी गिरा है। इस दौरान TCS का शेयर करीब 9.24 फीसदी गिरा है। Infosys का शेयर करीब 12.39 फीसदी, HCL Tech का शेयर 9.20 फीसदी और Wipro का शेयर 9.85 फीसदी गिरा है। यह इस बात का संकेत है कि आईटी सेक्टर पर अभी दबाव बना हुआ है। इसका असर शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स पर भी पड़ रहा है।

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