Jayesh Logistics IPO Listing: भारत समेत कुछ पड़ोसी देशी में लॉजिस्टिक्स सर्विसेज मुहैया कराने वाली जयेश लॉजिस्टिक्स के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर फीकी एंट्री हुई और डिस्काउंट पर लिस्टिंग से आईपीओ निवेशकों को झटका लगा। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 65 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹122 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर उनकी पूंजी ही 1.64% घट गई। ध्यान दें कि ग्रे मार्केट से इसके ₹131 यानी 7.38% प्रीमियम (GMP) पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे थे।
वैसे एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थितियों के साथ-साथ कंपनी की अपनी कारोबारी स्थिति ही शेयरों का परफॉरमेंस तय करती है। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹114.00 (Jayesh Logistics Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया। निचले स्तर से शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की और ₹121.95 के भाव तक पहुंचे। हालांकि फिर यह फिसल गया। दिन के आखिरी में यह ₹117.80 के भाव पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक अब 3.44% घाटे में हैं।
Jayesh Logistics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
जयेश लॉजिस्टिक्स का ₹28.63 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 65.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 40.86 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 138.75 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 51.79 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 23.47 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.85 करोड़ साइड वाल ट्रेलर्स की खरीदारी, ₹11.24 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹72 लाख स्मार्ट लॉजिस्टिक्स एप्लीकेशन के दूसरे चरण के इंप्लींमेंटेशन और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Jayesh Logistics के बारे में
मई 2011 में बनी जयेश लॉजिस्टिक्स भारत और आस-पास के पड़ोसी देशों- नेपाल, भूटान और बांग्लादेश में सामानों की आवाजाही की सर्विसेज मुहैया कराती है। यह बंदरगाहों पर सामान को उतारती-चढ़ाती है। साथ ही यह वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सर्विसेज भी देती है। यह शिपमेंट्स को रियल टाइम ट्रैक करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है।
वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.09 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹3.16 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹7.20 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 36% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹112.03 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹2.02 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹25.25 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹29.65 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व और सरप्लस में ₹13.01 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।