Jewellery Stocks: कई बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 1 सितंबर को बड़ी गिरावट आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद शेयरों में गिरावट आई। पीएम मोदी ने लोगों से तब तक सोना नहीं खरीदने की अपील की है, जब तक बहुत जरूरी न हो। सुबह बाजार खुलते ही ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दिखी।
इन ज्वेलरी स्टॉक्स में सबसे ज्यादा गिरावट
Kalyan Jewellers का शेयर 12 बजे 4.56 फीसदी गिरकर 573.60 रुपये पर चल रहा था। Titan Company का शेयर 1.06 फीसदी गिरकर 5,047 रुपये पर चल रहा था। Thanamayil Jeweller का शेयर 1.98 फीसदी की कमजोरी के साथ 5,305 रुपये पर चल रहा था। Sky Gold & Diamonds का शेयर 3.71 फीसदी गिरकर 777 रुपये पर चल रहा था। पीसी ज्वेलर के शेयर में भी 1.73 फीसदी की कमजोरी दिखी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। इसमें देश के लोगों से स्वदेशी और 'वोकल फॉर लोकल' अपनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने पोस्ट में यह भी कहा है कि लोगों को सिर्फ घूमने और शादी समारोह आयोजित करने के लिए विदेश की यात्रा करने से बचना चाहिए। इसकी जगह उन्होंने भारत में शादी समारोह का आयोजन करने की अपील की।
पीएम ने लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की
उन्होंने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर फोकस बढ़ाने से देश को विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय किया है। तब देश की आजादी के 100 साल पूरे हो जाएंगे। पीएम मोदी ने देश के लोगों से पहले भी स्वदेशी यानी देश में बनी चीजों के इस्तेमाल पर फोकस बढ़ाने को कहा है।
10 मई को भी पीएम मोदी ने लोगों से की थी अपील
पीएम मोदी ने मई में भी देश को मजबूत बनाने की अपील लोगों से की थी। उन्होंने विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए सात उपाय बताए थे। उन्होंने मध्यपूर्व संकट के बीच 10 मई को यह अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोगों को परिवहन के सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे पेट्रोल की खपत घटेगी, जिसे विदेश से आयात करना पड़ता है।
अमेरिका-ईरान की लड़ाई से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान में 28 फरवरी को लड़ाई शुरू हुई थी। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया। चूंकि भारत ऑयल की अपनी करीब 85 फीसदी जरूरत आयात से पूरी करता है, जिससे महंगे क्रूड के आयात से सरकार को इंपोर्ट बिल बढ़ गया। मजबूरन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ी।