इंडियन स्टॉक मार्केट्स ने सरप्राइज किया है। यह ऑल-टाइम हाई के करीब है। इसका प्रदर्शन दूसरे स्टॉक मार्केट्स के मुकाबले बेहतर रहा है। कमोडिटीज गुरु के रूप में दुनियाभर में मशहूर Jim Rogers ने यह बात कही है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इंडियन मार्केट के अलावा अमेरिका में इनफ्लेशन की प्रॉब्लम और चीन की इकोनॉमी के संकट सहित कई मसलों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अगर आप दुनिया को देखें तो अभी ज्यादातर मार्केट्स बहुत मजबूत दिख रहे हैं। यहां तक कि जापान में भी 30 साल बाद तेजी दिख रही है। चीन को छोड़ करीब सभी मार्केट्स में तेजी है। लेकिन, इंडिया ने बहुत अच्छा किया है। इसने चौंकाया है।
ऑल-टाइम हाई मार्केट में निवेश नहीं करता
इंडिया में निवेश के बारे में पूछने पर रोजर्स ने बताया कि यह मार्केट अपने ऑल-टाइम हाई के करीब है। इसका परफॉर्मेंस दूसरे मार्केट्स के मुकाबले बेहतर रहा है। मेरा मानना है कि किसी ने बहुत अच्छा काम किया है। मुझे इस साल इंडियन मार्केट्स में इतनी मजबूती की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, मेरे पास किसी इंडियन कंपनी का स्टॉक नहीं है। मैं अभी इंडियन कंपनियों के स्टॉक्स नहीं खरीद रहा हूं, क्योंकि जब मार्केट ऑल-टाइम पर होता है तो मैं स्टॉक्स नहीं खरीदता हूं। मैं अमेरिकी कंपनियों के स्टॉक्स भी नहीं खरीद रहा हूं, क्योंकि अमेरिकी मार्केट्स भी ऑल-टाइम हाई के करीब हैं। जब मार्केट्स ऑल टाइम हाई पर होते हैं तो मैं चुपचाप बैठ जाता हूं। मैं चीजों को देखते हूं और कभी-कभी शॉर्ट सेल करता हूं। लेकिन, अभी मैं शॉर्ट सेल भी नहीं कर रहा हूं।
इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाना जरूरी
अमेरिका में हाई इनफ्लेशन और फेडरल रिजर्व की आक्रामक मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में रोजर्स ने कहा कि कुछ देशों में इंटरेस्ट रेट्स बढ़ रहे हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है कि इंटरेस्ट रेट्स बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा रहे हैं। वे बढ़ाएंगे क्योंकि उन्हें इनफ्लेशन को काबू में करना है। केंद्रीय बैंक आम तौर पर गलत साबित होते हैं। बहुत कम केंद्रीय बैंकों को पता होता है कि चीजें किधर जा रही हैं। मुझे इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाने या घटाने को छोड़ केंद्रीय बैंकों के बारे में दूसरी कोई बात सुनने को नहीं मिलती है। हालांकि, अधिकतर इकोनॉमीज का प्रदर्शन अच्छा रहने की उम्मीद है, क्योंकि दुनियाभर में बहुत ज्यादा करेंसी नोट छापे जा रहे हैं।
इंडिया में एक बहुत अच्छा सेंट्रल बैंकर था
उन्होंने कहा कि अमेरिका (फेडरल रिजर्व) ने कहा है कि वह इंटरेस्ट रेट बढ़ाने जा रहा है। मुझे लगता है कि वे बढ़ाएंगे। उन्हें बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इनफ्लेशन अभी काबू में नहीं आया है। मेरा मानना है कि इंटरेस्ट रेट्स न सिर्फ अमेरिका में बल्कि दूसरे देशों में भी बढ़ेंगे। केंद्रीय बैंकों का काम मार्केट्स की सुध लेना नहीं है। लेकिन, मुझे पता है कि वे कहते तो हैं कि उन्हें मार्केट की चिंता नहीं, लेकिन वे इसकी चिंता करते हैं। इतिहास को देखें तो ज्यादातर केंद्रीय बैंकों ने बहुत अच्छा काम नहीं किया है। इंडिया में कुछ साल पहले एक बहुत अच्छा सेंट्रल बैंकर था, लेकिन अफसोस कि वह अब जा चुका है। अमेरिका में भी एक या दो बहुत अच्छे सेंट्रल बैंकर रहे हैं। लेकिन, वे भी जा चुके हैं।
चीन के प्रॉपर्टी मार्केट में पिछले कई सालों से बुलबुला
चीन के बारे में पूछने पर रोजर्स ने कहा कि मेरे पास चाइनीज कंपनियों के स्टॉक्स हैं। मैंने हाल में चाइनीज कंपनी के शेयर नहीं खरीदे हैं। चीन में प्रॉपर्टी में पिछले कई सालों से बुलबुला बना रहा था। अब वे इसे शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। जब प्रॉपर्टी मार्केट में बुलबुला बन जाता है तो उसे साफ करने में लंबा समय लगता है। वे स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, चीन की इकोनॉमी आज उतनी मजबूत नहीं है, जितनी मजबूत दूसरी इकोनॉमीज हैं। इसकी वजह यह है कि चीन के प्रॉपर्टी बाजार में बहुत बड़ा bubble है। चीन को कोरोना की महामारी से भी निपटना पड़ा है। वहां कोरोना की प्रॉब्लम दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा थी। इसलिए चीन में शेयरों के गिरने के खास कारण हैं। लेकिन, मैं इसे अवसर के रूप में देखता हूं।