GDP की ग्रोथ अप्रैल-जून में 7.7 फीसदी रहने की उम्मीद, 4 तिमाहियों में सबसे ज्यादा

मनीकंट्रोल के सर्वे से पता चला है कि इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.7 फीसदी रह सकती है। यह पिछली चार तिमाही में सबसे ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में जीडीपी की ग्रोथ 6.2 फीसदी रह सकती है, जो तीन साल में सबसे कम होगी। सरकार 31 अगस्त (गुरुवार) को शाम 5:30 बजे अप्रैल-जून की जीडीपी ग्रोथ के डेटा जारी करेगी

अपडेटेड Aug 29, 2023 पर 12:29 PM
ICRA को अप्रैल-जून में जीडीपी ग्रोथ 8.5 फीसदी रहने का अनुमान है। सबसे कम ग्रोथ का अनुमान Societe Genrale ने जताया है, जो 6.7 फीसदी है।

इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) की ग्रोथ अप्रैल-जून में बहुत अच्छी रहने के संकेत हैं। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि इस फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.7 फीसदी रह सकती है। यह पिछली चार तिमाही में सबसे ज्यादा है। मनीकंट्रोल के सर्वे से यह जानकारी मिली है। इकोनॉमिस्ट्स के अनुमान के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में जीडीपी की ग्रोथ 6.2 फीसदी रह सकती है, जो तीन साल में सबसे कम होगी। सरकार 31 अगस्त (गुरुवार) को शाम 5:30 बजे अप्रैल-जून की जीडीपी ग्रोथ के डेटा जारी करेगी। इस साल जनवरी-मार्च के दौरान जीडीपी ग्रोथ 6,1 फीसदी थी। अप्रैल-जून 2022 में यह 13.1 फीसदी थी। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी थी।

जनवरी-मार्च में जीडीपी ग्रोथ 6.1 थी

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की इकोनॉमिस्ट कनिका पसरीचा ने कहा, "हमें जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी रहने का अनुमान है। इसमें मजबूत घरेलू मांग और सरकार के पूंजीगत खर्च बढ़ाने का बड़ा हाथ होगा। हालांकि, नेट एक्सपोर्ट्स में सुस्ती के आसार हैं। जनवरी-मार्च में जीडीपी ग्रोथ 6.1 फीसदी थी।" सरकार ने इस फाइनेंशियल ईयर में पूंजीगत खर्च के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के टारगेट का ऐलान किया था। अप्रैल-जून के दौरान सरकार ने 2.78 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च किया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 59 फीसदी ज्यादा है।


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कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री घटने का अनुमान

जीडीपी वृद्धि के डेटा में बेस इफेक्ट का फायदा बना हुआ है। उधर, इकोनॉमिस्ट्स को डिमांड खासकर सर्विस सेक्टर में डिमांड मजबूत दिख रही है। रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, सर्विसेज सेक्टर के ग्रॉस वैल्यू एडेड में अप्रैल-जून के दौरान 9.7 फीसदी उछाल आया। यह जनवरी-मार्च के 6.9 फीसदी के मुकाबले बहुत ज्यादा है। ICRA ने कहा, "सर्विसेज सेक्टर से जुड़े 14 में से 11 हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स में अप्रैल-जून में ग्रोथ रही है। यह 0.3 से 18.6 फीसदी के बीच रही है।" उसने यह भी कहा कि कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री 3.3 फीसदी घटी है। एयर कार्गो ट्रैफिक 0.4 फीसदी घटी है।

ICRA ने जताया 8.5% ग्रोथ का अनुमान

ICRA को अप्रैल-जून में जीडीपी ग्रोथ 8.5 फीसदी रहने का अनुमान है। सबसे कम ग्रोथ का अनुमान Societe Genrale ने जताया है, जो 6.7 फीसदी है। सर्विस सेक्टर की ग्रोथ डबल डिजिट में रहने की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 5 से 8 फीसदी के बीच रह सकती है। अगर यह इतनी रहती है तो इसमें अच्छी वृद्धि कही जाएगी, क्योंकि पिछली छह तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की औसत ग्रोथ सिर्फ 1.2 फीसदी रही है।

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