Jio Financial Services दूसरी सबसे बड़ी NBFC बनी, कई दिग्गज कंपनियों से ज्यादा वैल्यूएशन

जेएफएस का मार्केट कैप निफ्टी 50 की कई कंपनियों से ज्यादा है। इनमें UPL, Hero MotoCorp और Apollo Hospitals शामिल हैं। जेएफएस का मार्केट कैप इंडसइंड बैंक के 1.06 लाख करोड़, ब्रिटानिया के 1.09 लाख करोड़ और टेक महिंद्रा के 1.17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के डेटा के मुताबिक, जेएफएस का नेटवर्थ 28,000 करोड़ रुपये है। इसमें Reliance Industries में इसकी 6.1 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है

अपडेटेड Aug 21, 2023 पर 3:07 PM
बाजार की नजरें जेएफएस के बिजनेस मॉडल पर है। कंपनी पहले ही Blacrock के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान कर चुकी है। इसमें दोनों कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी।

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) के शेयर स्टॉक मार्केट्स में लिस्ट हो गए हैं। यह Bajaj Finance के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी एनबीएफसी बन गई है। इसका मार्केट कैप करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये है। 18 अगस्त को शेयर के क्लोजिंग प्राइस पर बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 4.15 लाख करोड़ रुपये है। बजाज फिनसर्व का मार्केट कैप 2.32 लाख करोड़ रुपये है। लेकिन यह एनबीएफसी की जगह फाइनेंशियल सर्विसेज की होल्डिंग कंपनी है। एनालिस्ट्स को जेएफएस का मार्केट कैपिटलाइजेशन लिस्टिंग के बाद 1.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने की उम्मीद थी। इसकी वजह यह थी कि ग्रे मार्केट में इसके शेयर पर 50 रुपये का प्रीमियम चल रहा था।

कई दिग्गज कंपनियों से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी

जेएफएस का मार्केट कैप निफ्टी 50 की कई कंपनियों से ज्यादा है। इनमें UPL, Hero MotoCorp और Apollo Hospitals शामिल हैं। जेएफएस का मार्केट कैप इंडसइंड बैंक के 1.06 लाख करोड़, ब्रिटानिया के 1.09 लाख करोड़ और टेक महिंद्रा के 1.17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के डेटा के मुताबिक, जेएफएस का नेटवर्थ 28,000 करोड़ रुपये है। इसमें Reliance Industries में इसकी 6.1 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है। इसकी वजह RIL की तरफ से ट्रेजरी स्टॉक्स का ट्रांसफर है। अगर इसे हटा दिया जाए तो जेएफएस का नेटवर्त 14,000 करोड़ रुपये आता है।


बिजनेस मॉडल पर बाजार की नजरें

अब बाजार की नजरें जेएफएस के बिजनेस मॉडल पर है। कंपनी पहले ही Blacrock के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान कर चुकी है। इसमें दोनों कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। यह ज्वाइंट वेंचर म्यूचुअल फंड्स बिजनेस में एंट्री के लिए बनाया गया है। कई एनालिस्ट्स का मानना है कि जेएफएस मर्चेंट्स लोन पर फोकस करेगी, क्योंकि RIL की किराना स्टोर्स तक व्यापक पहुंच है।

स्ट्रॉन्ग मैनेजमेंट टीम

जेएफएस ने दिग्गज बैंक के वी कामत को अपना नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बनाया है। हितेश सेठिया कंपनी के सीईओ और एमडी होंगे। वह आईसीआईसीआई बैंक में एग्जिक्यूटिव रह चुके हैं। चरणजीत सिंह अटारा कंपनी को चीफ ऑपरेटिंग अफसर होंगे। उन्होंने SBI के सीएफओ पद से इस्तीफा दिया है। कंपनी के बोर्ड में अनुभवी लोगों को शामिल किया गया है। पूर्व कैग राजीव महर्षि इसके बोर्ड में शामिल किए गए हैं। यह टीम कंपनी को बिजनेस को आगे बढ़ाने की क्षमता रखती है।

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