टायर बनाने वाली घरेलू कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (JK Tyre & Industries) ने 500 करोड़ रुपये का फंड जुटा लिया है। कंपनी ने यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के माध्यम से जुटाया है। इस बीच आज 1 जनवरी को कंपनी के शेयरों में 1.58 फीसदी की गिरावट आई है। यह स्टॉक 392 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। नई दिल्ली स्थित कंपनी ने खुलासा किया कि QIP की कीमत 345 रुपये प्रति शेयर (2 रुपये प्रति शेयर के फेस वैल्यू के साथ 343 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम सहित) थी।
जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज की ओर से जारी एक बयान के अनुसार QIP को भारतीय म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स सहित प्रमुख निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। जेके टायर के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रघुपति सिंघानिया ने कहा, "यह हमारे कॉर्पोरेट सफर में एक बड़ी उपलब्धि है। इश्यू में कई प्रतिष्ठित निवेशकों की भागीदारी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी में उनके भरोसे को दिखाती है।"
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
सिंघानिया ने कहा कि क्यूआईपी के जरिए जुटाए गए फंड का इस्तेमाल ‘ग्रोथ कैपेक्स’ और ‘बैलेंस शीट’ को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने एकमात्र लीड मैनेजर के रूप में इस इश्यू को मैनेज किया।
मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी बढ़ाना चाहती है कंपनी
1 नवंबर 2023 को जेके टायर ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि उसके बोर्ड ने कंपनी की टायर मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी को बढ़ाने के लिए एक एक्सपेंशन प्लान को मंजूरी दे दी है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 13 जुलाई 2023 तक टायर प्रोडक्शन की वार्षिक क्षमता 95 फीसदी की यूटिलाइजेशन रेट के साथ 155.11 लाख टायर थी। कंपनी ने आगे कहा कि उसका लक्ष्य इस क्षमता को 19.45 फीसदी तक बढ़ाना है, अक्टूबर 2025 तक बढ़ी हुई क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य है। जेके टायर ने पहले कहा था कि इस पर्याप्त विस्तार को हासिल करने के लिए 1025 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है।