ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से दरों में कटौती की उम्मीद और एक छोटे बेस को देखते हुए आईटी सेक्टर पर अपने रुख को पहले के बियरिश से बदल कर 'neutral' कर दिया है। इन पॉजिटिव फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए, ब्रोकरेज ने इंफोसिस और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के लिए अपनी रेटिंग को अपग्रेड करके 'ओवरवेट' कर दिया है, जबकि टीसीएस, एचसीएलटेक, एमफैसिस और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स सहित दूसरी कंपनियों की रेटिंग को पहले के 'अंडरवेट' से बढ़ाकर 'न्यूट्रल' कर दिया है।
इस अपग्रेडिंग के चलते अधिकांश आईटी कंपनियों के शेयरों में 4 जनवरी को तेजी आई है। जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 1 फीसदी से ज्यादा भागा है। जेपी मॉर्गन ने लागत घटाने के आईटी कंपनियों की कोशिशों, प्रो-सिक्लिकैलिटी, नियर टर्म जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जनरल एआई) की मांग में तेजी, 2023 के छोटे बेस और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद को देखते हुए ये अपग्रेडेशन किया है।
2023 में बाजार में आई तेजी के बावजूद आईटी सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। ग्लोबल मार्केट के मैक्रोज के कमजोर रहने और ब्याज दरों के ऊंचे स्तरों पर बने रहने के कारण कंपनियों के आईटी खर्च में कमी आई है। जिसका असर भारतीय आई कंपनियों पर देखने को मिला है। हालांकि ब्याज दरों में उम्मीद से पहले कटौती शुरू होने की संभावना और अमेरिका में सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिशों को सफलता मिलने की आशा ने आईटी सेक्टर को लिए फिर से तेजी के दरवाजे खोल दिए हैं।
कई विश्लेषकों को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024 के अंत या वित्त वर्ष 2025 की शुरुआत से ही आईटी कंपनियों की कमाई में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। सुधार की इन उम्मीदों को देखते हुए विश्लेषकों की निवेशकों को सलाह है कि वे आईटी शेयरों में अब लंबे नजरिए से निवेश शुरू करें। 2023 की जोरदार रैली में दूसरे सेक्टरों के शेयर काफी महंगे हो गए हैं। ऐसे में आईटी शेयरों का वैल्यूएशन अब अच्छा लग रहा है।
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