Stock markets: JP मॉर्गन ने भारत पर स्ट्रैटेजी जारी की है जिसमें ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि छोटी अवधि में बाजार ऊपर फंस सकता है। इसके साथ ही JP मॉर्गन मिडकैप स्मॉलकैप में सतर्क रहने की सलाह दी है। इस पर ज्यादा डिटेल जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने बताया कि JP मॉर्गन इंडिया स्ट्रैटेजी में कहा गया है कि मैक्रो डाटा में सिक्लिकल स्लोडाउन (cyclical slowdown) बढ़ता हुआ दिख रहा है। मजबूत मॉनसून से गांव और छोटे शहरों में खपत बढ़ी है। हालांकि शहरों में खपत धीमी पड़ती दिख रही है। JP मॉर्गन की राय है कि छोटी अवधि में बाजार ऊपर की तरफ फंस सकता है। ब्रोकरेज हाउस लंबी अवधि के लिए भारतीय बाजार पर पॉजिटिव है। उसका मानना है कि भारतीय बाजार में लॉन्ग टर्म में ढ़ेरों ग्रोथ अपॉर्चुनिटी रहेंगी।
मिडकैप और स्मॉलकैप में रहें सतर्क
जहां तक मिडकैप, स्मॉलकैप और एसएमई सेक्टर का सवाल है तो JP मॉर्गन को लगता है कि इनके वैल्यूएशन काफी महंगे हो चुके हैं। यहां से हमको इनमें एक स्लोडाउन देखने को मिल सकता है। JP मॉर्गन की राय है कि अब मिडकैप और स्मॉलकैप में सतर्क रहें। बाजार में IPOs और दूसरे जरिए से पैसा जुटाने की भीड़ है। बहुत सारा पैसा अब आईपीओ मार्केट और सेकेंडरी इश्यूज में जाता दिख रहा है। निफ्टी जूनियर, मिड कैप और स्मॉल कैप सारे के सारे अपने हिस्टोरिकल वैल्यूएशन से महंगे हो चुके हैं। ऐसे में ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि निफ्टी जूनियर, मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट का खतरा है। रिकॉर्ड प्रीमियम पर ट्रेडिंग हो रही है। लार्जकैप के मुकाबले इनमें ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
सेक्टर पर JP मॉर्गन का पॉजिटिव नजरिया
JP मॉर्गन लार्ज कैप में FMCG, हेल्थकेयर और बैंकिंग पर ओवरवेट है। JP मॉर्गन को एसबीआई से लेकर आईसीआईसीआई बैंक पसंद आ रहा है। एफएमसीजी में उसको एचयूएल पसंद है। वहीं, हेल्थ केयर में उसको हॉस्पिटल स्टॉक्स पसंद है। हालांकि IT और सीमेंट पर JP मॉर्गन अंडरवेट है।
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